Chhattisgarh Raipur News: रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर के रोहिणीपुरम स्थित सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय में आयोजित वंदे मातरम् सामूहिक गायन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि देशभर में 25 हजार से अधिक स्थानों पर विद्या भारती के विद्यार्थियों ने एक साथ वंदे मातरम् का गायन किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस आयोजन ने विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वंदे मातरम् मां भारती की वंदना है। इस गीत ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान लोगों में राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत किया। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए संघर्ष करने वाले अनेक वीर वंदे मातरम् का नारा लगाते हुए शहीद हुए और इसे गाते हुए फांसी के फंदे पर झूल गए। उन्होंने कहा कि इसी राष्ट्रगीत को गाते हुए अनेक वीरों ने देश को आजादी दिलाने में योगदान दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं। विद्या भारती शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर भी ध्यान देती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विकास का मूल मंत्र है और भारत प्राचीन काल से ही विद्या एवं शिक्षा के क्षेत्र में आगे रहा है।
सीएम साय ने कहा कि बस्तर लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहा है, लेकिन सरकार की ओर से शिक्षा के विस्तार पर लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ओरछा और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है। इसके साथ ही राष्ट्रीय स्तर के शिक्षण संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में 34 स्थानों पर नालंदा परिसर बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में रहकर छत्तीसगढ़ के 13 बच्चों ने यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल की है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि देश का भविष्य उनके कंधों पर टिका है। विद्यार्थियों को सपना देखना चाहिए कि देश किस तरह आगे बढ़ेगा और वे इसमें किस तरह अपना योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि सपने देखने के साथ मेहनत और लगन से पढ़ाई करने पर सफलता जरूर मिलेगी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा, “वो दूर खड़ी मंजिल इंगित कर तुम्हें बुलाती है, शिखर से बढ़ने वालों के माथे पर तिलक लगाती है।”

