Raipur News: IGKV के 35 सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन-ग्रेच्युटी अटकी, PPO जारी होने के 35 दिन बाद भी भुगतान नहीं

Raipur News: IGKV के 35 सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन-ग्रेच्युटी अटकी, PPO जारी होने के 35 दिन बाद भी भुगतान नहीं

Chhattisgarh IGKV Latest News: रायपुर: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) के करीब 35 सेवानिवृत्त प्राध्यापकों, वैज्ञानिकों और कर्मचारियों के पेंशन एवं ग्रेच्युटी भुगतान का मामला लंबा खिंचता जा रहा है। संबंधित पेंशन प्रकरणों की विभागीय जांच से लेकर लेखा नियंत्रक, विश्वविद्यालय की समितियों और ज्वाइंट डायरेक्टर ऑडिट स्तर पर परीक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुलपति के अनुमोदन से पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPO) भी जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद भुगतान अब तक लंबित है।

PPO जारी होने के करीब 35 दिन बाद भी भुगतान नहीं

सेवानिवृत्त शिक्षक संघ का दावा है कि PPO जारी होने के करीब 35 दिन बीतने के बाद भी पेंशन और ग्रेच्युटी की राशि का भुगतान नहीं किया गया है। संघ के अनुसार, पेंशन प्रकरणों को आगे बढ़ाने और PPO जारी कराने की मांग को लेकर उसे 27 जुलाई 2026 से करीब 24 दिनों तक आंदोलन करना पड़ा था।

संघ का कहना है कि आंदोलन के बाद संबंधित प्रकरणों में PPO जारी किए गए, लेकिन भुगतान नहीं होने के कारण एक बार फिर आंदोलन शुरू करना पड़ा है। 22 सितंबर से सेवानिवृत्त प्राध्यापक प्रशासनिक भवन के पास धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।

भुगतान लंबित रखने का कारण बताने की मांग

सेवानिवृत्त शिक्षक संघ ने भुगतान में देरी का कारण स्पष्ट करने की मांग की है। संघ का कहना है कि संबंधित पेंशन प्रकरणों की विभिन्न स्तरों पर जांच और परीक्षण हो चुका है। ज्वाइंट डायरेक्टर ऑडिट से ऑडिट तथा सक्षम स्तर से अनुमोदन के बाद PPO भी जारी किए जा चुके हैं।

संघ का कहना है कि यदि किसी पेंशन प्रकरण में कोई वैधानिक या नियमगत आपत्ति है, तो संबंधित सेवानिवृत्त कर्मचारी को इसकी जानकारी लिखित रूप में दी जानी चाहिए। संघ ने नियम-सम्मत आदेश के माध्यम से आपत्ति स्पष्ट करने की मांग की है।

नियुक्ति व्यवस्था को लेकर भी मतभेद

मामले में मार्च 2011 से पहले की नियुक्ति व्यवस्था को लेकर भी मतभेद सामने आए हैं। संघ के अनुसार, उस समय विश्वविद्यालय में प्रोफेसर और वैज्ञानिकों की नियुक्तियां सहायक प्राध्यापक, कनिष्ठ विज्ञानी और कार्यक्रम समन्वयक जैसे पदों पर शासन से स्वीकृत सेटअप और यूजीसी वेतनमान के तहत होती थीं।

संघ का कहना है कि इसी नियुक्ति व्यवस्था को लेकर लेखा नियंत्रक की ओर से मतभेद सामने आया था। सेवानिवृत्त कर्मचारियों का पक्ष है कि उनके पेंशन प्रकरणों की प्रक्रिया में आवश्यक जांच और ऑडिट पूरा होने के बाद PPO जारी किए जा चुके हैं, ऐसे में भुगतान की स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।

दोबारा धरने पर बैठे सेवानिवृत्त कर्मचारी

पेंशन और ग्रेच्युटी भुगतान लंबित रहने से नाराज सेवानिवृत्त प्राध्यापक एवं कर्मचारी 22 सितंबर से प्रशासनिक भवन के पास धरना दे रहे हैं। उनका कहना है कि सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली पेंशन और ग्रेच्युटी उनके लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा है, इसलिए भुगतान में हो रही देरी को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।


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