दुर्ग केंद्रीय जेल में औचक छापा, दो मोबाइल समेत प्रतिबंधित सामग्री बरामद; 100 से ज्यादा अधिकारियों-जवानों ने की सघन तलाशी

दुर्ग केंद्रीय जेल में औचक छापा, दो मोबाइल समेत प्रतिबंधित सामग्री बरामद; 100 से ज्यादा अधिकारियों-जवानों ने की सघन तलाशी

Chhattisgarh Durg News: दुर्ग: केंद्रीय जेल दुर्ग में गुरुवार सुबह जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने औचक छापा मारकर सघन तलाशी अभियान चलाया। करीब सुबह 6 बजे शुरू हुई इस कार्रवाई में जेल के बैरकों, शौचालयों, अहातों और अन्य संभावित स्थानों की बारीकी से जांच की गई। तलाशी के दौरान जेल परिसर से दो मोबाइल फोन समेत चिलम, बीड़ी-सिगरेट, तंबाकू, नेलकटर और कैंची जैसी प्रतिबंधित सामग्री बरामद की गई।

कलेक्टर अभिजीत सिंह ने संभाली कार्रवाई की कमान

औचक कार्रवाई की कमान दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने संभाली। उनके साथ एडीएम वीरेंद्र सिंह, एडिशनल एसपी सिटी शोभराज अग्रवाल, सीएसपी दुर्ग हर्षित मेहर समेत प्रशासन और पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अचानक बड़ी संख्या में अधिकारियों और जवानों के जेल पहुंचने से परिसर में हलचल बढ़ गई।

100 से ज्यादा अधिकारियों-जवानों ने संभाला मोर्चा

जेल की सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जिला और पुलिस प्रशासन की करीब 100 से अधिक अधिकारियों और जवानों की टीम गठित की गई थी। टीम ने सुबह केंद्रीय जेल परिसर को घेरकर बिना पूर्व सूचना के तलाशी अभियान शुरू किया। संयुक्त टीम ने जेल के विभिन्न बैरकों, शौचालयों, अहातों और अन्य स्थानों को खंगाला।

दो मोबाइल समेत नशे का सामान बरामद

सघन तलाशी के दौरान बंदियों के कब्जे और बैरकों के विभिन्न स्थानों से दो मोबाइल फोन बरामद किए गए। इसके अलावा चिलम, बीड़ी, सिगरेट और तंबाकू भी मिला। वहीं कैंची और नेलकटर जैसी वस्तुएं भी बरामद हुईं, जिन्हें जेल की सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से प्रतिबंधित सामग्री माना जाता है।

जेल के अंदर प्रतिबंधित सामान पहुंचने पर उठे सवाल

उच्च सुरक्षा वाले जेल परिसर से मोबाइल फोन और अन्य प्रतिबंधित सामग्री मिलने के बाद अब यह जांच का विषय है कि ये सामान जेल के अंदर कैसे पहुंचा। प्रशासन की ओर से बरामद सामग्री का पंचनामा तैयार किया गया है और आगे की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी जा रही है।

जेल कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में

प्रशासनिक स्तर पर यह भी जांच की जाएगी कि जेल के अंदर प्रतिबंधित सामग्री पहुंचाने में किसी कर्मचारी या बाहरी व्यक्ति की भूमिका तो नहीं रही। जांच में यदि किसी की मिलीभगत या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

औचक कार्रवाई से जेल प्रशासन में मचा हड़कंप

केंद्रीय जेल में अचानक की गई इस कार्रवाई को सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और जेल परिसर में प्रतिबंधित गतिविधियों पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद जेल की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी जांच और निगरानी बढ़ने की संभावना है।


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