CG Weather Report Today: रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 19 सितंबर से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। वहीं 22 से 24 सितंबर के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
19 सितंबर से बदलेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार 19 से 24 सितंबर के दौरान छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। 19, 20 और 21 सितंबर को गरज-चमक और बिजली गिरने की गतिविधियां हो सकती हैं। रायपुर और बिलासपुर में भी इस दौरान बादल छाए रहने तथा एक-दो दौर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है।
22 से 24 सितंबर के बीच भारी बारिश
आईएमडी के सब-डिविजन स्तर के पूर्वानुमान में 22 सितंबर से छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की संभावना दर्ज की गई है। 23 और 24 सितंबर को भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है। ऐसे में प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है।
मौसम प्रणाली का दिखेगा असर
मौसम में बदलाव के पीछे बंगाल की खाड़ी और आसपास विकसित होने वाली मौसमी प्रणाली को प्रमुख कारण माना जा रहा है। 19 सितंबर के आसपास अंडमान सागर के ऊपर निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके बाद यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ सकता है। इसके प्रभाव से मध्य भारत सहित छत्तीसगढ़ में नमी बढ़ने और बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
रायपुर में कैसा रहेगा मौसम
राजधानी रायपुर में 19 से 21 सितंबर के दौरान आंशिक रूप से बादल छाए रहने और एक-दो दौर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
बिलासपुर समेत इन इलाकों में भी बारिश के आसार
बिलासपुर में भी 19 से 21 सितंबर तक बादल और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। आईएमडी के अनुसार यहां अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। 22 सितंबर के बाद बारिश की गतिविधि बढ़ने के आसार हैं।
किसानों के लिए राहत की उम्मीद
आने वाले दिनों में बारिश बढ़ने की संभावना धान उत्पादक किसानों के लिए महत्वपूर्ण है। खासकर धान की फसल में बालियां निकलने के समय होने वाली बारिश से खेतों में नमी बनी रहने में मदद मिल सकती है। हालांकि जिन इलाकों में भारी बारिश होती है, वहां खेतों में जलभराव से बचाव के लिए किसानों को स्थानीय परिस्थितियों पर नजर रखनी होगी।
वज्रपात को लेकर सावधानी जरूरी
मौसम विभाग ने 19 से 21 सितंबर तक गरज-चमक और वज्रपात की गतिविधियों की चेतावनी दी है। ऐसे मौसम में लोगों को खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर रहना बेहतर होगा।

