Chhattisgarh Balrampur News: बलरामपुर। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के पस्ता थाना क्षेत्र अंतर्गत डवरा चौकी के ग्राम भेण्डरी में शासकीय भूमि पर कब्जे और वर्षों से खेती करने के दावे को लेकर विवाद सामने आया है। शिकायतकर्ता शिवलाल यादव का कहना है कि उन्होंने अपनी समस्या को लेकर CM हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर 1076 पर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस की प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के बावजूद जमीन को लेकर मूल विवाद का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। इसके बाद शिकायत के निस्तारण की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।
शिवलाल यादव का दावा है कि उनका परिवार करीब 40 वर्षों से विवादित भूमि पर खेती करता आ रहा है। उनका कहना है कि उक्त भूमि पर पहले उनके पिता का कब्जा था और उनके पिता के समय से ही परिवार खेती-बाड़ी करता रहा है। हालांकि, इस दावे और भूमि पर अधिकार की स्थिति की पुष्टि संबंधित राजस्व रिकॉर्ड एवं सक्षम विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस चौकी डवरा की 1 अगस्त 2026 की जांच रिपोर्ट के अनुसार विवाद ग्राम भेण्डरी स्थित शासकीय भूमि खसरा नंबर 236/21, रकबा 0.1210 हेक्टेयर को लेकर है। शिकायतकर्ता के अनुसार 2 जुलाई 2026 को उन्होंने विवादित भूमि पर मक्का की फसल बोई थी। उनका आरोप है कि 7 जुलाई को दूसरे पक्ष के राजेश यादव ने जमीन पर अपना दावा करते हुए बैल-हल से जुताई कर राहर की बुआई कर दी।
शिवलाल यादव का कहना है कि मामला केवल जमीन के विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके परिवार की वर्षों से चली आ रही खेती और आजीविका से भी जुड़ा है। उन्होंने मांग की है कि विवादित भूमि की वास्तविक स्थिति और कब्जे को लेकर सक्षम राजस्व विभाग द्वारा निष्पक्ष जांच की जाए।
पुलिस जांच में दोनों पक्षों के बीच विवाद होना पाया गया। रिपोर्ट के अनुसार विवाद के चलते परिशांति भंग होने की संभावना को देखते हुए दोनों पक्षों के विरुद्ध 18 जुलाई 2026 को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी BNSS की धारा 164 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए इस्तगासा न्यायालय में पेश किया गया।
शिकायतकर्ता का कहना है कि वह किसी तरह का विवाद या कानून व्यवस्था की स्थिति नहीं चाहता, बल्कि जमीन विवाद का कानूनी और स्थायी समाधान चाहता है। उसका सवाल है कि यदि उसका परिवार वर्षों से उक्त भूमि पर खेती करता रहा है, तो उसके दावे की जांच राजस्व रिकॉर्ड, स्थानीय जांच और अन्य वैधानिक प्रक्रियाओं के आधार पर क्यों नहीं की जा रही।
शिवलाल यादव ने सवाल उठाया कि जब उनकी मूल शिकायत जमीन के विवाद और कब्जे को लेकर थी, तो केवल दोनों पक्षों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने से शिकायत का समाधान किस तरह माना जा सकता है। उनका कहना है कि उन्होंने शिकायत इसलिए नहीं की थी कि केवल इस्तगासा की कार्रवाई हो, बल्कि जमीन विवाद का कानूनी समाधान हो।
इस मामले में अब यह सवाल भी उठ रहा है कि CM हेल्पलाइन में दर्ज शिकायत के बाद मूल विवाद के समाधान की जिम्मेदारी किस विभाग की है। साथ ही शिवलाल यादव के वर्षों से खेती करने के दावे की सक्षम स्तर पर जांच कब होगी और विवादित भूमि के वास्तविक कब्जे एवं अधिकार की स्थिति राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर कब स्पष्ट की जाएगी।
भेण्डरी का यह मामला अब केवल दो पक्षों के बीच जमीन विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि शिकायत निस्तारण की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल खड़े कर रहा है। शिकायतकर्ता का दावा है कि कार्रवाई होने के बावजूद उसकी मूल समस्या अब भी बनी हुई है। अब संबंधित प्रशासन और सक्षम राजस्व प्राधिकारी की आगामी कार्रवाई पर नजर है।

