Chhattisgarh Raipur News : रायपुर। कुछ यादें जीवन में कभी धुंधली नहीं होतीं और स्कूल की यादें उन्हीं में से एक होती हैं। शिक्षक दिवस हर विद्यार्थी के जीवन का खास दिन होता है। इस दिन विद्यार्थी अपने शिक्षकों के लिए क्लास रूम सजाते हैं और उनके साथ जश्न मनाते हैं। ऐसे में वर्षों बाद जब किसी विद्यार्थी की मुलाकात अपने शिक्षक से होती है, तो स्कूल के दिनों की खूबसूरत यादें फिर से जीवंत हो उठती हैं। ऐसा ही भावुक पल शिक्षक दिवस के मौके पर देखने को मिला, जब छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अपनी स्कूल की केमिस्ट्री शिक्षिका कुमुदनी वैष्णव से मुलाकात कर उनका सम्मान किया।
मुलाकात के दौरान गुरु-शिष्य के रिश्ते की खास झलक देखने को मिली। सामने आई तस्वीरों में शिक्षिका कुमुदनी वैष्णव अपने छात्र डॉ. रमन सिंह के कंधे पर हाथ रखे नजर आईं। वहीं दूसरी तस्वीर में शिक्षिका कुर्सी पर बैठी हैं और डॉ. रमन सिंह उनके पास मुस्कुराते हुए खड़े दिखाई दे रहे हैं। शिक्षक दिवस के खास मौके पर सामने आईं ये तस्वीरें वर्षों पुराने गुरु-शिष्य के रिश्ते और सम्मान की खूबसूरत कहानी बयां कर रही हैं।
डॉ. रमन सिंह ने स्कूल के दिनों की पुरानी यादों को साझा करते हुए बताया कि कुमुदनी वैष्णव मैडम उन्हें केमिस्ट्री पढ़ाया करती थीं। उन्होंने कहा कि उस समय अणु-परमाणु की पढ़ाई और Periodic Table याद करने का होमवर्क काफी कठिन लगता था, लेकिन मैडम हमेशा उन्हें प्रोत्साहित करती थीं। वह कठिन से कठिन सवालों को भी सरल तरीके से समझाती थीं। लंबे समय बाद उनसे मुलाकात हुई तो स्कूल के दिनों की कई पुरानी स्मृतियां एक बार फिर ताजा हो गईं।
डॉ. रमन सिंह ने अपने अन्य शिक्षकों को भी याद किया। उन्होंने हिंदी के शिक्षक ‘झा सर’ का जिक्र करते हुए बताया कि वह व्याकरण की शुद्धता पर विशेष जोर देते थे। वहीं फिजिक्स के शिक्षक ‘श्याम सुंदर चटर्जी सर’ ने उन्हें गुरुत्वाकर्षण की अवधारणा प्रैक्टिकल तरीके से समझाई थी। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि उनके शिक्षकों की सीख और मार्गदर्शन ने उनके जीवन को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
डॉ. रमन सिंह ने भावुक होते हुए कहा कि क्लास में लकड़ी की मेज पर बैठा ‘रमन’ आज आगे बढ़कर ‘डॉ. रमन’ बन पाया है, तो इसमें उनके शिक्षकों के मार्गदर्शन और योगदान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। शिक्षक दिवस के अवसर पर उन्होंने अपने सभी शिक्षकों को नमन करते हुए उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की।

