Chhattisgarh Weather Update 31 August 2026: रायपुर: छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। प्रदेश के कई हिस्सों में आज यानी 31 अगस्त को बारिश का दौर तेज रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। खास बात यह है कि 31 अगस्त को प्रदेश में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश भी हो सकती है।
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तट के पास बना अच्छी तरह से चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र मौसम को प्रभावित कर रहा है। इसके प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। यह मौसम प्रणाली उत्तर ओडिशा और आसपास के इलाकों से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकती है, जिससे छत्तीसगढ़ में भी बारिश का असर बना रहेगा।
31 अगस्त को छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की चेतावनी
IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 30 अगस्त से 1 सितंबर तक छत्तीसगढ़ में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं 31 अगस्त को प्रदेश में कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस दौरान कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना रह सकता है। इसलिए लोगों को मौसम खराब होने के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने की सलाह दी जाती है।
राजधानी रायपुर में कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी रायपुर में भी आज आसमान में बादल छाए रहने और बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। IMD के स्थानीय पूर्वानुमान में 31 अगस्त को अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। साथ ही भारी बारिश, गरज-चमक, बिजली और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है।
अगले कुछ दिनों तक बना रहेगा बारिश का असर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 1 सितंबर को भी छत्तीसगढ़ में बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है। इसके बाद बारिश की तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है, हालांकि प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश का सिलसिला बना रह सकता है।
जलभराव और नदी-नालों को लेकर रहें सतर्क
भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है। लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की भी संभावना रहती है। ऐसे में लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने की जरूरत है। खासकर ग्रामीण इलाकों में किसानों को खेतों में अनावश्यक रूप से जाने से बचना चाहिए। आकाशीय बिजली के दौरान खुले खेतों, तालाबों और पेड़ों के नीचे खड़े होना जोखिम भरा हो सकता है।
वाहन चालकों के लिए भी जरूरी सावधानी
बारिश के दौरान सड़कों पर फिसलन और कम दृश्यता की समस्या हो सकती है। भारी बारिश वाले इलाकों में वाहन चालकों को गति नियंत्रित रखने और जलभराव वाली सड़कों से गुजरते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
कुल मिलाकर, 31 अगस्त को छत्तीसगढ़ में मानसून का असर काफी मजबूत रहने वाला है। प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा का खतरा है। ऐसे में मौसम विभाग के अलर्ट को गंभीरता से लेते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

