Chhattisgarh Kawardha News: कवर्धा। पुलिस आरक्षक भर्ती के करीब 1600 रिक्त पदों को भरने की मांग को लेकर प्रदेशभर के अभ्यर्थियों का कवर्धा में आंदोलन जारी है। गृहमंत्री विजय शर्मा की ओर से अभ्यर्थियों से कई बार बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन अभ्यर्थी दूसरी सूची जारी करने की मांग पर अड़े हुए हैं। अब इस आंदोलन में कांग्रेस भी शामिल हो गई है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष नवीन जायसवाल आंदोलन स्थल पहुंचे और सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए।
नवीन जायसवाल ने कहा कि अभ्यर्थी किसी पर एहसान नहीं मांग रहे हैं, बल्कि अपने अधिकार और भर्ती प्रक्रिया में रिक्त रह गए पदों को भरने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बातचीत के बाद भी यदि युवाओं को डराने-धमकाने का प्रयास किया जा रहा है तो यह सरकार की कथनी और करनी के अंतर को दर्शाता है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि जिन युवाओं ने मेहनत और तैयारी के बाद पुलिस भर्ती की परीक्षा दी है, उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि अभ्यर्थियों या उनके परिवारों पर किसी तरह का दबाव बनाया गया तो कांग्रेस उनके साथ खड़ी रहेगी।
नवीन जायसवाल ने कहा कि वर्ष 2020 में विपक्ष में रहते हुए विजय शर्मा ने युवाओं के मुद्दों को लेकर आंदोलन और अनिश्चितकालीन हड़ताल की बात कही थी। अब वे स्वयं गृहमंत्री हैं, इसलिए उन्हें युवाओं की आवाज सुनकर उनकी समस्या का समाधान करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि 5967 स्वीकृत पदों में से 4367 पदों की सूची जारी की गई है, जबकि करीब 1600 पद अब भी रिक्त बताए जा रहे हैं। अभ्यर्थियों की मांग है कि नियमानुसार इन रिक्त पदों को भरकर भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाए। जायसवाल ने कहा कि यह कोई गैरकानूनी मांग नहीं है और सरकार को इस मामले में स्पष्ट एवं सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।
नवीन जायसवाल ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में अभ्यर्थियों के हित में है तो केवल बातचीत और आश्वासन देने के बजाय लिखित एवं समयबद्ध निर्णय लिया जाना चाहिए। उन्होंने गृहमंत्री से युवाओं को डराने के बजाय उनकी मांग का समाधान करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि सत्ता का इस्तेमाल सवाल उठाने वालों की आवाज दबाने के लिए नहीं, बल्कि समस्याओं के समाधान के लिए होना चाहिए। यदि किसी अभ्यर्थी या उसके परिवार को डराने-धमकाने अथवा परेशान करने की कोशिश की गई तो कांग्रेस इसका विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मामले का समाधान संवाद, पारदर्शिता और नियमानुसार भर्ती प्रक्रिया पूरी करके ही किया जा सकता है।

