Chhattisgarh News: लक्ष्मणेश्वर महादेव में आस्था का सैलाब, झमाझम बारिश में भी नहीं डिगे भक्त; घंटों भीगते रहे श्रद्धालु

Chhattisgarh News: लक्ष्मणेश्वर महादेव में आस्था का सैलाब, झमाझम बारिश में भी नहीं डिगे भक्त; घंटों भीगते रहे श्रद्धालु

Chhattisgarh News: खरौद: छत्तीसगढ़ की काशी खरौद स्थित प्रसिद्ध लक्ष्मणेश्वर महादेव मंदिर में सावन के चौथे सोमवार को आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सुबह से लगातार हो रही झमाझम बारिश के बावजूद भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। बारिश के बीच हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और लंबी कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे।

हालांकि, श्रद्धालुओं की अटूट आस्था के बीच मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल भी उठे। श्रद्धालुओं का कहना है कि बारिश से बचाव के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण उन्हें तीन से चार घंटे तक खुले आसमान के नीचे भीगते हुए कतार में खड़ा रहना पड़ा।

बारिश बनी परीक्षा, भक्ति बनी सहारा

सावन के चौथे सोमवार को सुबह से ही मौसम खराब रहा। आसमान में बादल छाए रहे और रुक-रुककर तेज बारिश होती रही। इसके बावजूद श्रद्धालुओं के कदम मंदिर की ओर बढ़ते रहे। मंदिर पहुंचने के बाद लंबी कतार का सामना करने के बावजूद भक्तों ने दर्शन का इंतजार नहीं छोड़ा। कोई बरसाती पहनकर पहुंचा था तो कोई छतरी लेकर आया था। कई श्रद्धालु गमछे, प्लास्टिक और कपड़ों का सहारा लेकर बारिश से बचने का प्रयास करते नजर आए। कुछ श्रद्धालु पूरी तरह भीग गए, लेकिन भगवान के दर्शन की इच्छा के चलते कतार से नहीं हटे।

तीन-चार घंटे तक बारिश में खड़े रहे श्रद्धालु

श्रद्धालुओं के अनुसार, मंदिर में दर्शन के लिए लंबी कतार लगी हुई थी। लगातार बारिश के कारण परेशानी और बढ़ गई। कई श्रद्धालुओं को तीन से चार घंटे तक खुले आसमान के नीचे बारिश में खड़े रहना पड़ा। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बारिश से बचने के लिए पर्याप्त शेड और अस्थायी व्यवस्था नहीं होने के कारण श्रद्धालु अपने स्तर पर बचाव करते दिखाई दिए। किसी ने छतरी के नीचे बच्चों को खड़ा किया तो किसी ने प्लास्टिक और गमछे का सहारा लिया।

हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर

बारिश की तेज बौछारों के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई। कतार में खड़े भक्त भगवान शिव का स्मरण करते रहे। हर-हर महादेव, बोल बम और जय भोलेनाथ के जयकारों से मंदिर परिसर गूंजता रहा। सावन सोमवार को भगवान शिव की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व माना जाता है। इसी आस्था के चलते आसपास के क्षेत्रों के साथ दूर-दराज के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु लक्ष्मणेश्वर महादेव के दर्शन के लिए पहुंचे। भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

भीड़ के अनुरूप व्यवस्था नहीं होने से नाराजगी

श्रद्धालुओं का कहना है कि सावन के प्रत्येक सोमवार को मंदिर में बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं। ऐसे में बारिश को देखते हुए पहले से व्यापक इंतजाम किए जाने चाहिए थे। श्रद्धालुओं ने दर्शन मार्ग और कतार वाले स्थान पर पर्याप्त शेड, प्रतीक्षालय और बारिश से बचाव की व्यवस्था की मांग की।

खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और छोटे बच्चों के लिए अलग सुरक्षित प्रतीक्षा स्थल बनाए जाने की जरूरत बताई गई। श्रद्धालुओं का कहना है कि वे भगवान के दर्शन के लिए घंटों इंतजार करने को तैयार हैं, लेकिन बारिश से बचाव जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

आस्था के साथ व्यवस्था की कमी भी आई नजर

सावन के चौथे सोमवार को लक्ष्मणेश्वर महादेव मंदिर में एक तरफ भक्तों की अटूट आस्था देखने को मिली, तो दूसरी तरफ बारिश के बीच व्यवस्थाओं की कमी भी सामने आई। लगातार बारिश के बावजूद श्रद्धालु लंबी कतार में डटे रहे और भगवान के दर्शन की प्रतीक्षा करते रहे। यह दृश्य शिवभक्ति की गहराई को दर्शाने के साथ ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बेहतर व्यवस्था की जरूरत को भी उजागर करता है।

स्थायी व्यवस्था की उठी मांग

श्रद्धालुओं ने आने वाले सावन और अन्य प्रमुख पर्वों को देखते हुए मंदिर परिसर में स्थायी सुविधाएं विकसित करने की मांग की है। इनमें दर्शन के लिए बनाए गए कतार मार्ग को शेड से ढंकना, पर्याप्त प्रतीक्षालय बनाना, बारिश के पानी की निकासी और महिलाओं, बुजुर्गों व बच्चों के लिए विशेष सुविधाएं शामिल हैं।

लक्ष्मणेश्वर महादेव मंदिर खरौद क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। ऐसे में श्रद्धालुओं का कहना है कि यहां आने वाले भक्तों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है। सावन के चौथे सोमवार को झमाझम बारिश ने जहां श्रद्धालुओं की परीक्षा ली, वहीं भक्तों ने भी अपनी अटूट आस्था का परिचय दिया। घंटों बारिश में भीगने के बावजूद श्रद्धालु कतार से नहीं हटे। इस दौरान शिवभक्ति की गहराई के साथ मंदिर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की जरूरत भी साफ नजर आई।


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