Sugar Stock Limit: सरकार का बड़ा फैसला, थोक चीनी उपभोक्ताओं के लिए स्टॉक लिमिट तय; 1 सितंबर से लागू होगा नियम

Sugar Stock Limit: सरकार का बड़ा फैसला, थोक चीनी उपभोक्ताओं के लिए स्टॉक लिमिट तय; 1 सितंबर से लागू होगा नियम

Sugar Stock Limit: नई दिल्ली। चीनी की बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक जमा करने की गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने थोक चीनी उपभोक्ताओं के लिए स्टॉक रखने की सीमा तय कर दी है। अब बड़ी मात्रा में चीनी इस्तेमाल करने वाले कारोबारी और संस्थान जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करके नहीं रख सकेंगे। नई व्यवस्था 1 सितंबर 2026 से लागू होकर 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी।

उपभोक्ता मामलों, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के आदेश के अनुसार, जो थोक उपभोक्ता हर महीने 10 मीट्रिक टन से ज्यादा चीनी का इस्तेमाल करते हैं, वे अधिकतम 15 दिनों की खपत के बराबर चीनी ही स्टॉक में रख सकेंगे। 15 दिनों से अधिक की खपत के बराबर चीनी जमा रखने की अनुमति नहीं होगी।

किन कारोबारियों पर लागू होगा नियम?

सरकार का यह नियम कई बड़े चीनी उपभोक्ताओं पर लागू होगा। इनमें कन्फेक्शनरी कंपनियां, सॉफ्ट ड्रिंक निर्माता, फूड प्रोसेसिंग उद्योग, मिठाई विक्रेता और अन्य संस्थागत खरीदार शामिल हैं। सरकार ने थोक उपभोक्ता की परिभाषा भी स्पष्ट की है। ऐसे संस्थान जिन्होंने पिछले एक साल के दौरान औसतन हर महीने कम से कम 10 मीट्रिक टन चीनी का इस्तेमाल किया है, उन्हें थोक उपभोक्ता की श्रेणी में रखा जाएगा। इस गणना में मौजूदा महीने की खपत को शामिल नहीं किया जाएगा।

चीनी मिलों की बिक्री पर भी रहेगी नजर

सरकार ने केवल स्टॉक सीमा निर्धारित नहीं की है, बल्कि चीनी मिलों से बड़े उपभोक्ताओं को होने वाली बिक्री की भी निगरानी की जाएगी। प्रत्येक चीनी मिल द्वारा किसी थोक उपभोक्ता को सीधे या डीलरों के माध्यम से बेची गई चीनी की मात्रा की जांच की जाएगी।

इसके लिए GST रिटर्न में दर्ज चीनी से जुड़े HSN कोड का इस्तेमाल किया जाएगा। इस व्यवस्था के जरिए सरकार यह पता लगा सकेगी कि किस थोक उपभोक्ता ने कितनी चीनी खरीदी है और उसकी खपत कितनी है।

सरकारी संस्थानों को मिली छूट

नई स्टॉक सीमा से केंद्र और राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन तथा स्थानीय निकायों से जुड़े संस्थानों को बाहर रखा गया है। यानी इन सरकारी संस्थानों पर 15 दिनों की खपत के बराबर स्टॉक रखने की सीमा लागू नहीं होगी।

तीन महीने के लिए लागू रहेगा आदेश

केंद्र सरकार का यह फैसला फिलहाल अस्थायी है। नई व्यवस्था 1 सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेगी। इस अवधि के दौरान बड़े थोक उपभोक्ताओं को अपनी चीनी की इन्वेंट्री 15 दिनों की खपत के स्तर के भीतर रखनी होगी। सरकार के इस कदम का उद्देश्य बाजार में अनावश्यक रूप से चीनी का स्टॉक जमा करने की गतिविधियों पर नियंत्रण रखना और मांग के अनुरूप इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करना है।


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