PM Modi Meeting: नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को केंद्र सरकार के सचिवों के साथ तीसरी उच्चस्तरीय बैठक की। नई दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री आवास, 7 लोक कल्याण मार्ग पर हुई बैठक में इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी, सुरक्षा, विदेश मामलों के साथ-साथ शासन व्यवस्था से जुड़े मंत्रालयों और विभागों के भविष्य के एजेंडे पर विस्तार से चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने अधिकारियों से कहा कि वे सिर्फ तत्काल समस्याओं, आंकड़ों और मौजूदा चुनौतियों तक सीमित न रहें, बल्कि लंबी अवधि की सोच के साथ देश के भविष्य की तैयारी पर भी ध्यान दें। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नीतियों और योजनाओं को आगे बढ़ाने की जरूरत है।
‘विभागों के बीच साइलो खत्म करना जरूरी’
बैठक में प्रधानमंत्री ने सरकारी विभागों के बीच काम करने की अलग-अलग व्यवस्था यानी ‘साइलो’ की समस्या पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि साइलो केवल संगठन से जुड़ी समस्या नहीं है, बल्कि यह सोच से जुड़ा विषय भी है। यह समस्या विभागों के बीच क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर, दोनों स्तरों पर हो सकती है।
PM मोदी ने अधिकारियों से अपनी जिम्मेदारियों की पूरी जवाबदेही लेने और देश के प्रति अपनापन रखते हुए काम करने का आह्वान किया। उन्होंने सरकार के कामकाज में ‘पूरी सरकार एक साथ’ वाली सोच विकसित करने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कोविड-19 महामारी और पश्चिम एशिया संकट का उदाहरण देते हुए कहा कि इन परिस्थितियों के दौरान अलग-अलग विभागों के अधिकारियों ने मिलकर प्रभावी ढंग से काम किया था।
डेटा को बताया भविष्य की राष्ट्रीय संपत्ति
प्रधानमंत्री मोदी ने डेटा को देश की राष्ट्रीय संपत्ति और भविष्य के लिए महत्वपूर्ण संसाधन बताया। उन्होंने कहा कि सरकार डेटा जुटाने, सुरक्षित रखने और उसके प्रबंधन में बड़ी मात्रा में संसाधन लगाती है, लेकिन विभागों के बीच समन्वय की कमी और अलग-अलग सिस्टम के कारण इसकी पूरी क्षमता का इस्तेमाल नहीं हो पाता। उन्होंने अलग-अलग विभागों के डेटा सिस्टम को आपस में बेहतर तरीके से जोड़ने वाली व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया, ताकि उपलब्ध डेटा का प्रभावी इस्तेमाल किया जा सके और इससे शासन व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके।
AI के इस्तेमाल के साथ मानवीय समझ भी जरूरी
बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के बेहतर और रचनात्मक इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने कहा कि AI की क्षमताओं को इंसानी विशेषज्ञता के साथ जोड़ा जाना चाहिए, लेकिन निर्णय लेने की प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप और समझ जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों से सरकारी कामकाज में AI के नए उपयोगों पर विचार करने को कहा। साथ ही प्रधानमंत्री ने सरकारी विभागों, विश्वविद्यालयों और युवाओं के बीच संवाद बढ़ाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि युवाओं और विश्वविद्यालयों के साथ व्यापक स्तर पर जुड़ाव से नीति निर्माण में नए और अलग विचार सामने आ सकते हैं।
डिफेंस इंडस्ट्री और समुद्री क्षेत्र पर फोकस
प्रधानमंत्री ने भारत के रक्षा उद्योग को मजबूत करने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने रक्षा क्षेत्र के लिए आधुनिक और नए पाठ्यक्रम विकसित करने तथा बेहतर मानव संसाधन तैयार करने की आवश्यकता बताई।
बैठक में भारत के समुद्री क्षेत्र को मजबूत करने के लिए व्यापक रणनीति पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने जहाज निर्माण को पहले ही इंफ्रास्ट्रक्चर का दर्जा दिए जाने का उल्लेख करते हुए अधिकारियों से जुड़े लक्ष्यों की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा करने को कहा। उन्होंने समुद्री क्षेत्र से जुड़े कार्यों को मिशन मोड में आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
अधिकारियों के बीच टीम स्पिरिट बढ़ाने पर जोर
PM मोदी ने वरिष्ठ और कनिष्ठ अधिकारियों के बीच अनौपचारिक संवाद और टीम भावना मजबूत करने की जरूरत बताई। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से जूनियर अधिकारियों के साथ अधिक व्यक्तिगत और अनौपचारिक बातचीत करने को कहा। प्रधानमंत्री ने अलग-अलग कैडर और विभागों के अधिकारियों के बीच मजबूत नेटवर्क विकसित करने पर भी जोर दिया, ताकि सरकार के विभिन्न हिस्से आपसी समन्वय के साथ बेहतर तरीके से काम कर सकें।
बैठक के दौरान केंद्र सरकार के सचिवों ने अपने-अपने क्षेत्रों की प्राथमिकताओं, सामने आ रही नई चुनौतियों और योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़ी समस्याओं पर अपने अनुभव साझा किए। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से वर्तमान चुनौतियों के साथ-साथ भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर शासन व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की दिशा में काम करने का आह्वान किया।

