CG Weather News: रायपुर। छत्तीसगढ़ में 12 जुलाई 2026 को मानसूनी गतिविधियों के बीच मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने की संभावना रही। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के 10 जुलाई के पूर्वानुमान में मध्य और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में अगले 6-7 दिनों के दौरान बारिश की गतिविधि अपेक्षाकृत कमजोर रहने की बात कही गई थी। हालांकि, 12 जुलाई के आसपास छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में स्थानीय स्तर पर बादल, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की स्थिति बन सकती थी।
कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार
12 जुलाई को प्रदेश के अनेक जिलों में आसमान सामान्यतः बादलों से घिरा रहने और कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना थी। स्थानीय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से कुछ क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती थी। सोशल मीडिया पर उपलब्ध स्थानीय मौसम अपडेट में भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के संकेत दिए गए थे।
गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना
मानसून के दौरान छत्तीसगढ़ में कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। ऐसे में खुले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आकाशीय बिजली और तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत रहती है।
तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना कम
बादल और बारिश की गतिविधियों के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में दिन के तापमान पर असर पड़ सकता है। बारिश वाले इलाकों में तापमान सामान्य से कम या आसपास रहने की संभावना रही, जबकि बारिश नहीं होने वाले क्षेत्रों में उमस बनी रह सकती थी।
किसानों के लिए राहत की उम्मीद
जुलाई में मानसूनी बारिश खेती-किसानी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होती है। पर्याप्त बारिश से खरीफ फसलों की बुवाई और शुरुआती बढ़वार को फायदा मिलता है। हालांकि, कम अवधि में अत्यधिक बारिश होने पर खेतों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है, इसलिए किसानों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार कृषि गतिविधियां करने की सलाह दी जाती है।
12 जुलाई के बाद मौसम का रुख
IMD के 10 जुलाई के पूर्वानुमान के अनुसार मध्य भारत में अगले 6-7 दिनों के दौरान बारिश की गतिविधि अपेक्षाकृत कमजोर रहने की संभावना थी। वहीं 12 जुलाई के IMD बुलेटिन में भारी से बहुत भारी बारिश का मुख्य फोकस पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल और बिहार पर था।

