Chhattisgarh Narayanpur News : नारायणपुर। वन्यजीव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। धौड़ाई रेंज के गायातापारा मार्ग के पास गश्त के दौरान टीम ने तेंदुए की खाल की तस्करी की कोशिश कर रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से पूरी तरह सुरक्षित तेंदुए की खाल बरामद हुई है। तस्करी में इस्तेमाल की जा रही दो मोटरसाइकिलों को भी वन विभाग ने जब्त किया है।
जानकारी के अनुसार, 8 अगस्त को वन विभाग की टीम नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान गायातापारा मार्ग के पास तीन संदिग्ध लोग दो मोटरसाइकिलों से जाते दिखाई दिए। उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर गश्ती दल ने उन्हें रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान उनके पास से तेंदुए की खाल बरामद हुई। दोनों जब्त मोटरसाइकिलों के नंबर CG-21/J-4096 और CG-21/J-0920 बताए गए हैं।
वन विभाग के मुताबिक बरामद तेंदुए की खाल की लंबाई करीब 184 सेंटीमीटर है। आगे के पैरों की ओर इसकी चौड़ाई 125 सेंटीमीटर, पिछले पैरों की ओर 118 सेंटीमीटर और पेट की चौड़ाई 55 सेंटीमीटर है। खाल की बनावट और आकार के आधार पर इसे वयस्क तेंदुए की खाल बताया जा रहा है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सोनूराम काचलाम (39) और पुनीत कुमार बघेल (32), दोनों निवासी छोटेडोंगर, तथा जमधर पोताई (50), निवासी धौड़ाई के रूप में हुई है। वन विभाग ने तीनों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
कार्रवाई के बाद तीनों आरोपियों को नारायणपुर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वन विभाग के अनुसार, मामले में दोष सिद्ध होने पर आरोपियों को अधिकतम सात वर्ष तक की सजा हो सकती है।
अब वन विभाग तस्करी के पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रहा है। अधिकारियों की जांच इस बात पर केंद्रित है कि तेंदुए की खाल कहां से लाई गई थी, इसे कहां ले जाया जा रहा था और इस तस्करी में आरोपियों के अलावा और कौन-कौन लोग शामिल हैं। विभाग ने वन्यजीव अपराधों के खिलाफ कार्रवाई और जंगलों में निगरानी बढ़ाने की बात कही है।

