Chhattisgarh Bilaspur News: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सकरी थाने में पदस्थ एक आरक्षक पर उधार की शेष रकम वापस नहीं करने और पैसे मांगने पर शिकायतकर्ता को झूठे मामले में फंसाकर जेल भेजने की धमकी देने का आरोप लगा है। मामले में पीड़ित ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता संत राम लहरे, निवासी सकरी थाना क्षेत्र, ने अपने आवेदन में बताया कि वर्ष 2023 में उन्होंने आरक्षक मनोज बघेल को कुल 60 हजार रुपये उधार दिए थे। उनके अनुसार आरक्षक ने अब तक 50 हजार रुपये लौटा दिए हैं, लेकिन शेष 10 हजार रुपये लंबे समय से बकाया हैं।
रकम मांगने पर धमकी देने का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब उन्होंने कई बार बकाया राशि लौटाने की मांग की तो आरक्षक ने फोन पर धमकी दी। आवेदन के अनुसार आरक्षक ने कथित तौर पर कहा कि वह पुलिस में है, इसलिए पैसे नहीं देगा और यदि ज्यादा दबाव बनाया गया तो झूठे मामले में फंसाकर जेल भिजवा देगा।
संत राम लहरे ने अपने आरोपों के समर्थन में व्हाट्सएप संदेश और अन्य दस्तावेज भी शिकायत के साथ संलग्न किए हैं, जिन्हें जांच के लिए पुलिस प्रशासन को सौंपा गया है।
अवैध वसूली के भी लगाए आरोप
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित आरक्षक पुलिस की वर्दी और पद का प्रभाव दिखाकर क्षेत्र के लोगों से उधार लेता है, समय पर पैसे वापस नहीं करता तथा लोगों पर दबाव बनाकर अवैध वसूली करता है। शिकायतकर्ता का दावा है कि इन गतिविधियों से क्षेत्र के ग्रामीणों में नाराजगी है।
एसएसपी से निष्पक्ष जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, आरोपों की सत्यता सामने लाने तथा दोष सिद्ध होने पर संबंधित आरक्षक के खिलाफ आवश्यक विभागीय और कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही आरक्षक मनोज बघेल को सकरी थाने से हटाने की भी मांग की गई है। फिलहाल यह शिकायत शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि या खंडन हो सकेगा।


