Chhattisgarh Raipur News : रायपुर। बहुचर्चित रामअवतार जग्गी हत्याकांड में दोषी ठहराए गए शूटर चिमन सिंह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने सोमवार को उसकी जमानत याचिका स्वीकार करते हुए अंतरिम जमानत दे दी, जिससे उसकी जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।
यह मामला वर्ष 2003 में हुई चर्चित हत्या से जुड़ा है। रायपुर की जिला अदालत ने वर्ष 2007 में चिमन सिंह, याह्या ढेबर, एएस गिल सहित 28 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। वहीं, अमित जोगी को निचली अदालत ने बरी कर दिया था, लेकिन बाद में हाईकोर्ट ने उन्हें भी दोषी ठहराया। हालांकि, हाईकोर्ट के उस फैसले पर सुप्रीम कोर्ट पहले ही रोक लगा चुका है।
आजीवन कारावास की सजा के खिलाफ चिमन सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने उसकी जमानत याचिका मंजूर करते हुए अंतरिम राहत प्रदान की।
गौरतलब है कि 4 जून 2003 को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के तत्कालीन प्रदेश कोषाध्यक्ष रामअवतार जग्गी की रायपुर के मौदहापारा थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस समय यह प्रदेश के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल था। अब सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है।

