Chhattisgarh Durg News: दुर्ग: महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नेतृत्व में यूरोप के तीन देशों-मोल्दोवा, उत्तर मैसेडोनिया और रोमानिया की ऐतिहासिक राजकीय यात्रा से लौटने पर दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल का छत्तीसगढ़ आगमन पर भव्य स्वागत किया गया। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट, रायपुर पर हजारों भाजपा कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और समर्थकों ने पुष्पवर्षा, माल्यार्पण और जयघोष के साथ उनका अभिनंदन किया।
एयरपोर्ट से सांसद विजय बघेल के निवास तक स्वागत रैली निकाली गई। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर नागरिकों और कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। सांसद निवास पर साजा विधायक ईश्वर साहू, महापौर अल्का वाघमारे, प्रीतपाल बेलचंदन, भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक, पुरुषोत्तम देवांगन सहित अनेक जनप्रतिनिधियों, पार्टी पदाधिकारियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया।
इस अवसर पर सांसद विजय बघेल ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल में शामिल होकर तीन देशों की यात्रा करना उनके सार्वजनिक जीवन का गौरवपूर्ण क्षण रहा। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान व्यापार, निवेश, शिक्षा, प्रौद्योगिकी, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और रणनीतिक सहयोग जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर उच्चस्तरीय चर्चा हुई, जिससे भारत और इन देशों के संबंधों को नई मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध के कठिन दौर में इन देशों ने भारतीय विद्यार्थियों, विशेषकर मेडिकल छात्रों की सहायता कर मानवीय संवेदनाओं का परिचय दिया। यही आत्मीयता आज दोनों देशों के मजबूत संबंधों की आधारशिला बनी है।
सांसद विजय बघेल ने बताया कि यह दौरा कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। लगभग 30 वर्षों बाद किसी भारतीय राष्ट्रपति ने रोमानिया की राजकीय यात्रा की, जबकि मोल्दोवा की यात्रा करने वाली द्रौपदी मुर्मू पहली भारतीय राष्ट्रपति बनीं। उन्होंने बताया कि लोकसभा से तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल इस यात्रा में शामिल था। प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्यमंत्री निमुबेन जयंतीभाई बांभनिया, राज्यसभा सांसद एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा सहित अन्य प्रतिनिधि भी शामिल रहे।
विजय बघेल ने विश्वास जताया कि इस ऐतिहासिक विदेश यात्रा से भारत को व्यापार, निवेश, शिक्षा, प्रौद्योगिकी, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और रणनीतिक सहयोग के क्षेत्रों में दीर्घकालिक लाभ मिलेगा तथा वैश्विक मंच पर देश की प्रतिष्ठा और अधिक मजबूत होगी।

