Chhattisgarh Raipur News : रायपुर। राजधानी रायपुर में नकली सोने के जेवर बेचकर तीन कारोबारियों से 22.50 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। जांच में सामने आया है कि गिरोह का मास्टरमाइंड पहले अकेले ठगी करता था, लेकिन बाद में उसने अपनी चाची और पड़ोसी महिला को भी इस धंधे में शामिल कर देशभर में ठगी का नेटवर्क खड़ा कर लिया।
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह का सरगना शंभू राय विभिन्न राज्यों में रत्न और पत्थरों का कारोबार करता था। इसी दौरान राजस्थान के जयपुर में उसकी मुलाकात एक कारोबारी से हुई, जिसने उसे पीतल के जेवरों को सोना बताकर लोगों को ठगने का तरीका सिखाया। आरोपी को नकली जेवरों के साथ पूरी ठगी की रणनीति भी बताई गई।
गिरोह पहले ऐसे लोगों को निशाना बनाता था, जिन्हें कम समय में ज्यादा मुनाफे का लालच दिया जा सके। आरोपी खुद को मजदूर या खुदाई करने वाला बताकर कहते थे कि खुदाई के दौरान उन्हें पुराने सोने के जेवर मिले हैं। भरोसा जीतने के लिए वे जांच हेतु असली सोने का छोटा टुकड़ा देते थे। सैंपल सही निकलने पर पीड़ित विश्वास कर लाखों रुपये दे देता, जिसके बदले उसे पीतल के जेवर थमा दिए जाते थे।
पुलिस के मुताबिक, राजस्थान से ठगी का तरीका सीखने के बाद वर्ष 2023 में गिरोह ने बिहार और झारखंड में वारदातों को अंजाम दिया। लगातार सफलता मिलने के बाद आरोपियों ने इसे अपना नियमित धंधा बना लिया। ठगी से होने वाली मोटी कमाई और आलीशान जीवनशैली देखकर पड़ोस में रहने वाली एक महिला भी गिरोह में शामिल हो गई।
जांच में यह भी सामने आया है कि मई 2026 में गिरोह रायपुर पहुंचा और तीन कारोबारियों को खुदाई में मिले पुराने सोने के जेवर बेचने का झांसा दिया। असली सोने का सैंपल दिखाकर भरोसा जीतने के बाद आरोपियों ने उनसे 22.50 लाख रुपये लेकर नकली पीतल के जेवर बेच दिए। बाद में जांच में पूरा मामला सामने आया।
फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह द्वारा अन्य राज्यों में की गई ठगी और उनके नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। मामले की जांच जारी है।

