छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क विस्तार को मिलेगी रफ्तार, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से की अहम बैठक

छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क विस्तार को मिलेगी रफ्तार, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से की अहम बैठक

CM Vishnu Deo Sai Met Ashwini Vaishnav: रायपुर। छत्तीसगढ़ में रेलवे नेटवर्क के विस्तार और लंबित रेल परियोजनाओं को गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को नई दिल्ली प्रवास के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर राज्य की प्रमुख रेल परियोजनाओं और रेलवे अधोसंरचना के विकास पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू तथा राजनांदगांव सांसद संतोष पांडे भी मौजूद रहे।

बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ औद्योगिक, खनिज और कृषि दृष्टि से देश का महत्वपूर्ण राज्य है। ऐसे में रेलवे नेटवर्क का विस्तार केवल परिवहन सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि उद्योग, व्यापार, पर्यटन, कृषि विपणन, जनजातीय क्षेत्रों के विकास और संतुलित क्षेत्रीय प्रगति के लिए भी बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में रेलवे अधोसंरचना का तेजी से विस्तार हो रहा है, जिसका लाभ छत्तीसगढ़ को भी मिल रहा है।

बैठक में करीब 295 किलोमीटर लंबी कटघोरा-डोंगरगढ़ नई रेल लाइन परियोजना पर विशेष चर्चा हुई। इस परियोजना का विकास रेल मंत्रालय और छत्तीसगढ़ शासन के संयुक्त उपक्रम (ज्वाइंट वेंचर) के माध्यम से किया जाएगा, जिसके लिए स्पेशल परपज़ व्हीकल (SPV) का गठन होगा। यह रेल लाइन कटघोरा, करतला, मुंगेली, कवर्धा और खैरागढ़ होते हुए डोंगरगढ़ तक पहुंचेगी तथा कई ऐसे क्षेत्रों को पहली बार रेलवे नेटवर्क से जोड़ेगी, जहां अब तक रेल सुविधा उपलब्ध नहीं है।

बैठक में रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन परियोजना की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि लगभग 140 किलोमीटर लंबी इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और रेलवे की निविदा प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उन्होंने उम्मीद जताई कि निर्माण कार्य जल्द शुरू होने से बस्तर अंचल की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और सामाजिक-आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने सरडेगा-पत्थलगांव-अंबिकापुर (244 किमी), धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा (301 किमी) और अंबिकापुर-बरवाडीह (200 किमी) रेल परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृति देने का अनुरोध भी किया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से उत्तर छत्तीसगढ़ और सीमावर्ती क्षेत्रों की रेल संपर्क व्यवस्था मजबूत होगी तथा व्यापार, पर्यटन, खनिज परिवहन और रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन परियोजनाओं को सकारात्मक रूप से आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया।

बैठक के दौरान किरंदुल-कोत्तागुडेम (180 किमी) तथा गढ़चिरौली-बीजापुर-किरंदुल (बचेली) (490 किमी) नई रेल लाइन परियोजनाओं के सर्वे कार्य की प्रगति पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने सर्वे कार्य शीघ्र पूरा कर आगे की प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया, ताकि बस्तर क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी और मजबूत हो सके।

बैठक के अंत में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ में रेलवे विकास का नया अध्याय लिखा जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि नई रेल परियोजनाएं औद्योगिक विकास, खनिज परिवहन, कृषि उत्पादों की आसान आवाजाही, पर्यटन और जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास को नई गति देंगी तथा आने वाले वर्षों में प्रदेश का रेल नेटवर्क और अधिक सशक्त होगा।


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