Chhattisgarh Raipur News: रायपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM) के तहत वर्ष 2005-06 और 2006-07 में संचालित स्वास्थ्य शिक्षा एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच तेज हो गई है। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने शुक्रवार को धमतरी, बिलासपुर और बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सात स्थानों पर एक साथ छापेमार कार्रवाई कर महत्वपूर्ण दस्तावेज और अभिलेख जब्त किए हैं।
जांच एजेंसी का मानना है कि जब्त किए गए दस्तावेजों से वित्तीय लेन-देन और कथित अनियमितताओं से जुड़े तथ्यों की पुष्टि करने में मदद मिलेगी।
लोक कला जत्थों के माध्यम से हुए खर्च की जांच
EOW के अनुसार, संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं रायपुर को राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत वर्ष 2005-06 और 2006-07 में स्वास्थ्य शिक्षा एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों के लिए राशि प्राप्त हुई थी। इन कार्यक्रमों का संचालन राज्य के 16 जिलों में लोक कला जत्थों के माध्यम से किया जाना था।
आरोप है कि कार्यक्रमों के नाम पर अनधिकृत एजेंसियों और बिचौलियों के माध्यम से भुगतान दर्शाकर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया, जिससे शासन को लाखों रुपये की आर्थिक क्षति हुई। शिकायत मिलने के बाद EOW ने वर्ष 2013 में धोखाधड़ी और आर्थिक अनियमितताओं से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
धमतरी में मेडिकल एजेंसी से दस्तावेज जब्त
धमतरी में EOW की सात सदस्यीय टीम ने रायपुर रोड स्थित बस स्टैंड के पास संचालित अनिल मेडिकल एजेंसी में कई घंटे तक जांच की। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और अभिलेख जब्त किए गए। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में मामले को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।
सूत्रों के अनुसार, जांच का दायरा आगे और बढ़ सकता है तथा मामले से जुड़े अन्य व्यक्तियों और संस्थानों तक भी कार्रवाई पहुंच सकती है। EOW का कहना है कि जब्त दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का सूक्ष्म परीक्षण किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

