Chhattisgarh Surajpur News: सूरजपुर। प्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत निर्माणाधीन चंदौरा–जज़ावल डामरीकरण सड़क की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्राम पंचायत केवरा निवासी जाहिद अंसारी ने कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत दर्ज कराते हुए सड़क निर्माण कार्य की स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने की मांग की है। शिकायत में निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी किए जाने का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि निर्माणाधीन सड़क की गुणवत्ता पहली नजर में ही संदेह के घेरे में दिखाई दे रही है। ग्रामीणों के अनुसार सड़क का निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही डामर की ऊपरी परत हाथों से आसानी से उखड़ रही है। ग्रामीणों ने इसका वीडियो भी बनाया है, जिसे शिकायत के साथ प्रशासन के संज्ञान में लाया गया है। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य की शुरुआत में ही इस प्रकार की स्थिति है तो सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठना स्वाभाविक है।
कई गांवों की लाइफलाइन है यह सड़क
आवेदन में बताया गया है कि चंदौरा–जज़ावल मार्ग चंदौरा, चिकनी, जज़ावल, लांजित सहित आसपास के कई गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है। प्रतिदिन इस सड़क से यात्री बसों सहित सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन और बड़ी संख्या में ग्रामीण आवागमन करते हैं। ऐसे में यदि निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं किया गया तो सड़क के जल्द क्षतिग्रस्त होने के साथ-साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ सकता है।
करोड़ों की लागत वाली परियोजना पर उठे सवाल
शिकायत में कहा गया है कि करोड़ों रुपये की लागत से बनाई जा रही सड़क में शुरुआती स्तर पर ही गुणवत्ता संबंधी खामियां सामने आना बेहद गंभीर मामला है। इससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका के साथ-साथ ग्रामीणों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि निर्माण एजेंसी गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं कर रही है और विभागीय स्तर पर प्रभावी निगरानी एवं निरीक्षण के अभाव में निर्माण कार्य पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
शिकायत में की गईं प्रमुख मांगें
शिकायतकर्ता ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य की स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए। साथ ही निर्माण में उपयोग की गई डामर, गिट्टी, बेस लेयर सहित अन्य निर्माण सामग्री की मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला से गुणवत्ता जांच कराई जाए।
इसके अलावा जांच पूरी होने तक आवश्यकतानुसार निर्माण कार्य और भुगतान पर रोक लगाने, अनियमितता पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार, अभियंता एवं जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा भारतीय सड़क कांग्रेस (IRC) और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार सड़क का पुनर्निर्माण कराने की मांग भी की गई है। शिकायतकर्ता ने जांच प्रतिवेदन और की गई कार्रवाई की जानकारी लिखित रूप में उपलब्ध कराने की भी मांग की है।
प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
चंदौरा–जज़ावल सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर उठे इस मामले ने क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि कलेक्टर जनदर्शन में प्राप्त शिकायत पर क्या कार्रवाई होती है और क्या निर्माण कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराकर गुणवत्ता संबंधी आरोपों की सत्यता सामने लाई जाती है।

