CG News: वर्ल्ड रिकॉर्डधारी कामधेनु गाय ‘सौम्या’ का निधन, हजारों श्रद्धालुओं ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई

CG News: वर्ल्ड रिकॉर्डधारी कामधेनु गाय ‘सौम्या’ का निधन, हजारों श्रद्धालुओं ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई

Kamadhenu Cow ‘Soumya’ Passes Away: खैरागढ़। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले की प्रसिद्ध मनोहर गौशाला की वर्ल्ड रिकॉर्डधारी कामधेनु गाय ‘सौम्या’ का शुक्रवार तड़के 2:27 बजे निधन हो गया। करीब 23 वर्ष की आयु में उन्होंने संथारापूर्वक देह त्यागी। अपनी 54 इंच लंबी पूंछ के कारण सौम्या का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज था। उनके निधन की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

शुक्रवार दोपहर मनोहर गौशाला से सौम्या की अंतिम समाधि यात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। नम आंखों से लोगों ने अपनी आस्था के केंद्र रही सौम्या को अंतिम विदाई दी। बड़ी संख्या में श्रद्धालु अंतिम दर्शन के लिए गौशाला पहुंचे।

गौशाला प्रबंधन के अनुसार, सौम्या ने अपने अंतिम समय में प्रभु वाणी, मंत्रोच्चार और भक्तामर स्तोत्र का श्रवण करते हुए शांतिपूर्वक देह त्यागी। इसके बाद जीरावला मनोहर जीवदया धाम में पूरे धार्मिक विधि-विधान के साथ उन्हें समाधि दी गई।

राजधानी रायपुर से लगभग 80 किलोमीटर दूर स्थित खैरागढ़ की मनोहर गौशाला में वर्ष 2017 में कामधेनु मंदिर की स्थापना की गई थी, जिसकी प्रमुख आस्था का केंद्र सौम्या थीं। गोधन विशेषज्ञों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सौम्या में कामधेनु गाय के कई दुर्लभ लक्षण मौजूद थे।

सौम्या की 54 इंच लंबी पूंछ विश्व रिकॉर्ड का हिस्सा थी। इसके अलावा उनके शरीर पर शास्त्रों में वर्णित कई शुभ एवं विशेष धार्मिक प्रतीक भी मौजूद थे, जिससे उनका स्वरूप सामान्य गायों से अलग और विशिष्ट माना जाता था।

पिछले आठ वर्षों में 30 हजार से अधिक श्रद्धालु सौम्या के दर्शन के लिए खैरागढ़ पहुंचे। उनके जीवनकाल में 142 से अधिक जैन साधु-साध्वियों और आचार्यों ने उन्हें मांगलिक व णमोकार मंत्र का श्रवण कराया। छत्तीसगढ़ के तीन राज्यपालों सहित देश के अनेक संत, धर्मगुरु और विशिष्ट अतिथि भी समय-समय पर मनोहर गौशाला पहुंचकर सौम्या के दर्शन कर चुके थे।


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