Indore News: इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में सामने आए बहुचर्चित शिवानी पटेरिया हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी पति अमितेष उर्फ शालू पटेरिया को उम्रकैद की सजा सुनाई है। आरोपी ने पत्नी की हत्या को सर्पदंश से हुई मौत साबित करने के लिए बेहद खौफनाक साजिश रची थी। उसने राजस्थान से जहरीला कोबरा लाकर पत्नी की हत्या के बाद शव पर सांप से डसवाया, ताकि पूरी घटना हादसा लगे। लेकिन पुलिस की वैज्ञानिक जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक साक्ष्यों ने उसकी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
अस्पताल लेकर पहुंचा पति, बताया था सांप के काटने से हुई मौत
मामला वर्ष 2019 का है। कनाडिया थाना क्षेत्र के संचार नगर में रहने वाले बैंक अधिकारी अमितेष उर्फ शालू पटेरिया अपनी पत्नी शिवानी को लेकर अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने डॉक्टरों को बताया था कि पत्नी की मौत जहरीले सांप के काटने से हुई है।
हालांकि डॉक्टरों को पहली नजर में ही मामला संदिग्ध लगा। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि शिवानी की मौत सर्पदंश से नहीं बल्कि दम घुटने से हुई थी।
गला घोंटने के बाद रची सर्पदंश की झूठी कहानी
जांच में सामने आया कि आरोपी पति ने पहले पत्नी की हत्या की और बाद में उसे सर्पदंश का रूप देने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने तकिए से पत्नी का मुंह और गला दबाकर उसकी जान ले ली थी। इसके बाद शव पर जहरीले कोबरा से डसवाकर मौत को सांप के काटने से हुई घटना बताने की कोशिश की गई।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने पूरी वारदात की योजना पहले से बना रखी थी और हत्या के लिए जहरीले सांप का इंतजाम किया था।
राजस्थान से लाया था जहरीला कोबरा
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी पति करीब 620 किलोमीटर दूर राजस्थान के अलवर गया था, जहां से उसने जहरीला ब्लैक डेजर्ट कोबरा खरीदा और उसे इंदौर लेकर आया। आरोपी ने कई दिनों तक सांप को छिपाकर रखा और मौका मिलने पर वारदात को अंजाम दिया।
हत्या के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने की कोशिश भी की। घटनास्थल से मिले मृत सांप, एफएसएल जांच, मोबाइल लोकेशन और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों ने आरोपी की कहानी को झूठ साबित कर दिया।
रिश्तों में तनाव और दूसरी महिला से संबंध की बात आई सामने
पुलिस जांच में पति-पत्नी के रिश्तों में तनाव की बात भी सामने आई थी। इसके अलावा आरोपी पति के दूसरी महिला से संबंध होने की जानकारी भी जांच के दौरान सामने आई। पुलिस ने इन्हीं तथ्यों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ मजबूत केस तैयार किया।
28 गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट का फैसला
करीब साढ़े छह साल तक चली सुनवाई में अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने 28 गवाहों को पेश किया। इसके साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल रिपोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रस्तुत किए गए।
अदालत ने माना कि आरोपी ने पूरी योजना के साथ हत्या की, सबूत मिटाने का प्रयास किया और पुलिस को गुमराह करने के लिए सर्पदंश की झूठी कहानी बनाई। इसके बाद अदालत ने अमितेष उर्फ शालू पटेरिया को हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई।
साथ ही अदालत ने उसे सबूत मिटाने और वन्यजीव संरक्षण कानून के उल्लंघन का भी दोषी माना। वहीं पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर आरोपी के पिता और बहन को बरी कर दिया गया।

