Raipur News: ‘ऑपरेशन साइबर शील्ड’ में बड़ी सफलता: साइबर ठगों को फर्जी सिम बेचने वाले दो पीओएस एजेंट गिरफ्तार

Raipur News: ‘ऑपरेशन साइबर शील्ड’ में बड़ी सफलता: साइबर ठगों को फर्जी सिम बेचने वाले दो पीओएस एजेंट गिरफ्तार

Chhattisgarh Raipur News: रायपुर। रायपुर रेंज पुलिस ने साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन साइबर शील्ड’ के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर अपराधियों को फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले दो प्वाइंट ऑफ सेल (POS) एजेंटों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों द्वारा जारी किए गए सिम कार्डों का इस्तेमाल यूट्यूब पर अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने और ‘कौन बनेगा करोड़पति (KBC)’ में इनाम जीतने का झांसा देकर साइबर ठगी करने जैसे मामलों में किया जा रहा था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।

रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के दौरान साइबर थाना पुलिस ने दो अलग-अलग साइबर ठगी के मामलों में इस्तेमाल हुए मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया। सेवा प्रदाता कंपनियों से प्राप्त जानकारी, पीड़ितों और गवाहों के बयान तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस फर्जी सिम उपलब्ध कराने वाले एजेंटों तक पहुंची।

जांच में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उमेश प्रजापति (23) निवासी मनकारी, जिला छतरपुर (मध्यप्रदेश) और मनोज देवांगन (29) निवासी प्रकाशपुर, चिचोला, जिला खैरागढ़ के रूप में हुई। उमेश प्रजापति प्रजापति टेलीकॉम का संचालन करता है, जबकि मनोज देवांगन मुढ़ीपार में मोबाइल दुकान संचालित करता है। दोनों ग्राहकों के नाम पर फर्जी तरीके से अतिरिक्त सिम कार्ड सक्रिय कर साइबर अपराधियों को बेचते थे।

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि नया सिम लेने या सिम पोर्ट कराने आए ग्राहकों के डबल थंब स्कैन, आई ब्लिंक और ई-केवाईसी का दुरुपयोग कर उनकी जानकारी के बिना अतिरिक्त सिम कार्ड सक्रिय कर लिए जाते थे। जिन ग्राहकों के आधार कार्ड की प्रतियां उपलब्ध होती थीं, उनके दस्तावेजों का उपयोग कर डी-केवाईसी के माध्यम से भी अतिरिक्त सिम जारी किए जाते थे। बाद में इन सिम कार्डों को अधिक कीमत पर साइबर ठगों को बेच दिया जाता था, जिनका उपयोग देशभर में ऑनलाइन ठगी के लिए किया जाता था।

पुलिस के अनुसार पहला मामला गरियाबंद जिले के इंदागांव थाना क्षेत्र का है, जहां फेसबुक पर दोस्ती के बाद व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए अश्लील वीडियो बनाकर उसे यूट्यूब पर वायरल करने की धमकी दी गई और पीड़ित से करीब 7.90 लाख रुपये की ठगी की गई। वहीं दूसरे मामले में केबीसी में इनाम जीतने का झांसा देकर टैक्स और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर ठगी की गई थी।

रायपुर रेंज पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार नहीं करने, अज्ञात वीडियो कॉल रिसीव करने से बचने और किसी भी प्रकार की साइबर ठगी या ब्लैकमेलिंग की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराने की अपील की है। साथ ही केबीसी, लॉटरी या लकी ड्रा के नाम पर इनाम का झांसा देने वाले फर्जी कॉल और संदेशों से सतर्क रहने तथा अपनी बैंकिंग और व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी गई है।


Related Articles