Raipur News: रायपुर। राजधानी रायपुर पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जिसने पिछले तीन दशकों में देशभर के 300 से अधिक फाइव स्टार होटलों को अपना निशाना बनाया। आरोपी की पहचान 69 वर्षीय बिंगसन जॉन निवासी तूतीकोरिन (तमिलनाडु) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ देश के 10 से अधिक राज्यों में धोखाधड़ी और चोरी के कई मामले दर्ज हैं। वह करीब 15 वर्ष तक विभिन्न जेलों, जिनमें दिल्ली की तिहाड़ जेल भी शामिल है, में सजा काट चुका है।
होटल हयात में ठहरकर की लाखों की ठगी
पुलिस के मुताबिक आरोपी 25 जून 2026 को रायपुर के तेलीबांधा स्थित होटल हयात में ठहरा था। उसने खुद को विदेशी पर्यटकों का गाइड, अंग्रेजी शिक्षक और योगा टीचर बताकर होटल में कमरा लिया। दो दिनों तक होटल की सभी सुविधाओं का इस्तेमाल करने के बाद 27 जून की सुबह वह बिना चेक-आउट किए फरार हो गया।
आरोपी होटल का 63,755 रुपये का बिल चुकाए बिना चला गया। इतना ही नहीं, होटल प्रबंधन द्वारा विशेष अनुरोध पर उपलब्ध कराया गया करीब 1.48 लाख रुपये कीमत का लैपटॉप भी अपने साथ ले गया। होटल प्रबंधन ने जब उससे संपर्क करने की कोशिश की तो उसके दोनों मोबाइल नंबर बंद मिले, जिसके बाद तेलीबांधा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।
72 घंटे में भुवनेश्वर से दबोचा गया आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (मध्य) उमेश प्रसाद गुप्ता के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा तेलीबांधा थाना पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई।
तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल ट्रैकिंग के आधार पर आरोपी की लोकेशन ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में मिली। पुलिस टीम ने वहां दबिश देकर महज 72 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
चार्ल्स शोभराज से प्रेरित होकर करता था ठगी
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह कुख्यात अपराधी चार्ल्स शोभराज से प्रभावित था और उसी की तर्ज पर होटल ठगी की वारदातों को अंजाम देता था। वह पहले अपनी पहचान एक पढ़े-लिखे और प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में बनाता, होटल कर्मचारियों का भरोसा जीतता और फिर बिना बिल चुकाए कीमती सामान लेकर फरार हो जाता था।
1990 से चला रहा था ठगी का नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया कि बिंगसन जॉन वर्ष 1990 से लगातार देशभर के महंगे होटलों को निशाना बना रहा था। उसने अब तक 300 से अधिक फाइव स्टार होटलों में इसी तरह की ठगी और चोरी की घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। वर्ष 1996 में वह पहली बार तिहाड़ जेल गया था। इसके बाद कई राज्यों की जेलों में करीब 15 साल तक बंद रहा, लेकिन हर बार जेल से छूटने के बाद उसका अगला निशाना कोई नया फाइव स्टार होटल बनता था।
लैपटॉप बरामद, अन्य मामलों की भी होगी जांच
रायपुर पुलिस ने आरोपी के कब्जे से होटल हयात का चोरी किया गया लैपटॉप बरामद कर लिया है। उसके खिलाफ तेलीबांधा थाने में धोखाधड़ी और चोरी की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही पुलिस अब देश के विभिन्न राज्यों में उसके खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी जुटाकर पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।

