MLA Uddeshwari Paikra Video: शाला प्रवेश उत्सव में मंच की बैठक व्यवस्था पर सियासी तकरार, विधायक उदधेश्वरी पैकरा की नाराजगी आई सामने, देखें वीडियो

MLA Uddeshwari Paikra Video: शाला प्रवेश उत्सव में मंच की बैठक व्यवस्था पर सियासी तकरार, विधायक उदधेश्वरी पैकरा की नाराजगी आई सामने, देखें वीडियो

MLA Uddeshwari Paikra Video Viral: बलरामपुर। जिले के राजपुर में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब कार्यक्रम के दौरान मंच की बैठक व्यवस्था को लेकर स्थानीय विधायक उदधेश्वरी पैकरा ने नाराजगी जताई। बच्चों के नए शैक्षणिक सत्र के स्वागत और शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में कुछ समय के लिए माहौल असहज हो गया और चर्चा का केंद्र बच्चों की बजाय मंच की सीटिंग व्यवस्था और वीआईपी प्रोटोकॉल बन गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान विधायक उदधेश्वरी पैकरा ने मंच पर बैठने की व्यवस्था को लेकर आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद कुछ समय तक कार्यक्रम स्थल पर असमंजस की स्थिति बनी रही। आयोजकों ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया, जिसके बाद कार्यक्रम आगे बढ़ाया गया।

घटना के बाद उपस्थित लोगों के बीच इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गई कि जिन आयोजनों का उद्देश्य बच्चों का उत्साह बढ़ाना और उन्हें शिक्षा के प्रति प्रेरित करना होता है, वहां मंच की बैठक व्यवस्था और प्रोटोकॉल को लेकर विवाद होना उचित नहीं है। कई लोगों ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों का केंद्र बिंदु बच्चों और उनकी शिक्षा ही होनी चाहिए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि शाला प्रवेश उत्सव जैसे कार्यक्रम सामाजिक और शैक्षणिक महत्व रखते हैं। ऐसे अवसरों पर वरिष्ठ नेताओं के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति स्वाभाविक है, लेकिन मंच व्यवस्था को लेकर सार्वजनिक नाराजगी से कार्यक्रम का मूल उद्देश्य प्रभावित होता है।

कुछ अभिभावकों ने भी इस घटनाक्रम पर निराशा जताई। उनका कहना था कि शाला प्रवेश उत्सव बच्चों के जीवन का एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक अवसर होता है। ऐसे आयोजनों में जनप्रतिनिधियों को संयम, मर्यादा और सकारात्मक व्यवहार का परिचय देना चाहिए, ताकि बच्चों के सामने अच्छा संदेश जाए और कार्यक्रम का उद्देश्य पूरा हो सके।

घटना के बाद क्षेत्र में इस बात को लेकर चर्चा तेज हो गई है कि शिक्षा और बच्चों से जुड़े आयोजनों में राजनीतिक प्रोटोकॉल की बजाय बच्चों के भविष्य, उनके उत्साहवर्धन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

हालांकि, इस मामले में विधायक उदधेश्वरी पैकरा या जिला प्रशासन की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में घटना को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा जारी है।


Related Articles