Durg Cyber Fraud Case: दुर्ग। थाना छावनी पुलिस ने साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल (Mule) बैंक खातों का बड़ा नेटवर्क उजागर करते हुए संगठित गिरोह के खिलाफ कार्रवाई की है। पुलिस ने तकनीकी जांच और बैंक खातों के विश्लेषण के आधार पर 23 आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की है। इनमें से कई आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जबकि कुछ को वैधानिक प्रक्रिया के तहत नोटिस देकर छोड़ा गया है।
पुलिस के अनुसार थाना छावनी में अपराध क्रमांक 312/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(2), 318(3) एवं 318(4) के अंतर्गत दर्ज प्रकरण की विवेचना के दौरान खुलासा हुआ कि आरोपी साइबर ठगी से प्राप्त अवैध धनराशि के लेनदेन के लिए अपने तथा अन्य लोगों के बैंक खाते साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे। इसके बदले वे कमीशन प्राप्त करते थे, जिससे ठगी की रकम विभिन्न खातों के माध्यम से स्थानांतरित की जाती थी।
विवेचना के दौरान मिले तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों के विश्लेषण तथा अन्य प्रमाणों के आधार पर 29 जून 2026 को कुल 23 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। आरोपियों के कब्जे से 11 मोबाइल फोन, 3 एटीएम कार्ड, 3 बैंक पासबुक, 3 आधार कार्ड, 3 चेकबुक सहित बैंकिंग और इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
पुलिस ने बताया कि मामले में आरोपियों से विस्तृत पूछताछ जारी है तथा साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी लालच या कमीशन के बदले अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक, मोबाइल सिम या अन्य बैंकिंग दस्तावेज किसी को उपलब्ध न कराएं। ऐसे खातों का उपयोग साइबर अपराधों में होने पर खाताधारक भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं। किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस अथवा साइबर हेल्पलाइन को देने की अपील की गई है।
इस कार्रवाई में थाना छावनी पुलिस और साइबर विवेचना टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर त्वरित वैधानिक कार्रवाई की।

