Chhattisgarh Raipur News: रायपुर। उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा स्पष्ट निर्णय दिए जाने के बावजूद प्रदेश के पेंशनरों को 59 माह के बकाया एरियर पेंशन का भुगतान अब तक नहीं हो सका है। इस पर असंतोष जताते हुए छत्तीसगढ़ पेंशनर्स समाज एवं अखिल भारतीय राज्य पेंशनर्स फेडरेशन ने राज्य शासन से अदालत के आदेश का तत्काल पालन करने की मांग की है।
प्रांताध्यक्ष चेतन भारती ने बताया कि उच्च न्यायालय ने राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 की कंडिका 49(6) के तहत मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच आपसी सहमति की 26 साल पुरानी बाध्यता को समाप्त किया था। इसके साथ ही निर्देश दिया था कि एक जनवरी 2000 के बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को 59 माह के बकाया एरियर का भुगतान 120 दिनों के भीतर यानी 31 जुलाई 2026 तक अनिवार्य रूप से कर दिया जाए।
इस एरियर राशि में छठवें वेतनमान के तहत एक जनवरी 2006 से 31 अगस्त 2008 तक के 32 माह और सातवें वेतनमान के तहत एक जनवरी 2016 से 31 मार्च 2018 तक के 27 माह का भुगतान शामिल है। निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी राज्य सरकार ने न तो इसके भुगतान का आदेश जारी किया है और न ही इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी दी है।
इसके अतिरिक्त प्रदेश के पेंशनरों को एक जनवरी 2026 से मिलने वाली दो प्रतिशत राहत पेंशन का आदेश भी अब तक अटका हुआ है। छत्तीसगढ़ पेंशनर्स समाज ने राज्य सरकार से बुजुर्ग पेंशनरों के हित में उच्च न्यायालय के आदेश का अविलंब पालन करने और लंबित एरियर का भुगतान जल्द करने का अनुरोध किया है।

