Singrauli News: तुर्रा सीम फॉल्ट क्षेत्र में लगी भीषण आग, करोड़ों की मशीन आग के गोले में तब्दील

Singrauli News: तुर्रा सीम फॉल्ट क्षेत्र में लगी भीषण आग, करोड़ों की मशीन आग के गोले में तब्दील

Singrauli News: सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले स्थित एनसीएल (नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) की अमलोरी परियोजना में सोमवार को बड़ा हादसा हो गया। परियोजना के तुर्रा सीम फॉल्ट क्षेत्र में कार्यरत करीब 8 करोड़ रुपये कीमत की ड्रिल मशीन नंबर-9 में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी मशीन आग की लपटों से घिर गई। हादसे में मशीन का इंजन वाला हिस्सा पूरी तरह जल गया, जिससे करोड़ों रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।

देखते ही देखते आग का गोला बनी मशीन

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ड्रिल मशीन नियमित खनन कार्य में लगी हुई थी। इसी दौरान अचानक मशीन से धुआं उठने लगा और कुछ ही देर में आग ने पूरी मशीन को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेज थी कि कुछ ही मिनटों में मशीन का बड़ा हिस्सा जलकर क्षतिग्रस्त हो गया।

फायर ब्रिगेड नहीं पहुंच सकी मौके पर

बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर मशीन संचालित हो रही थी, वहां तक फायर ब्रिगेड की गाड़ियों का पहुंचना संभव नहीं था। ऐसे में मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने उपलब्ध संसाधनों से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की तीव्रता अधिक होने के कारण वे सफल नहीं हो सके। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक मशीन को भारी नुकसान हो चुका था।

हादसे में कोई जनहानि नहीं

राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई कर्मचारी घायल नहीं हुआ। समय रहते कर्मचारियों ने मशीन से सुरक्षित दूरी बना ली, जिससे बड़ा मानवीय हादसा टल गया। हालांकि, मशीन पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने से कंपनी को करोड़ों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

घटना के बाद कर्मचारियों ने परियोजना की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब इतनी महंगी मशीन संवेदनशील और दुर्गम क्षेत्र में संचालित की जा रही थी, तब वहां पर्याप्त अग्निशमन संसाधनों और वैकल्पिक सुरक्षा इंतजामों की व्यवस्था क्यों नहीं थी। कर्मचारियों का मानना है कि ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए पहले से आपातकालीन व्यवस्था होना जरूरी था।

जांच के बाद सामने आएगी आग लगने की वजह

फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रारंभिक तौर पर तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। एनसीएल प्रबंधन द्वारा घटना की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आग तकनीकी खराबी, रखरखाव में कमी या किसी अन्य कारण से लगी और सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।


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