Electricity Bill New Rule: छत्तीसगढ़ में बिजली बिल का नया नियम, एक दिन की देरी पर नहीं देना होगा पूरे महीने का सरचार्ज

Electricity Bill New Rule: छत्तीसगढ़ में बिजली बिल का नया नियम, एक दिन की देरी पर नहीं देना होगा पूरे महीने का सरचार्ज

Electricity Bill New Rule: रायपुर। छत्तीसगढ़ के करीब 66 लाख बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। अब बिजली बिल निर्धारित तिथि के बाद जमा करने पर पूरे महीने का लेट पेमेंट सरचार्ज नहीं देना होगा। नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ता जितने दिन बिल जमा करने में देरी करेगा, केवल उतने ही दिनों का अधिभार (ब्याज) देना होगा। इससे कम अवधि की देरी पर उपभोक्ताओं का अतिरिक्त आर्थिक बोझ काफी कम हो जाएगा।

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया और कुछ माध्यमों में प्रसारित हो रही ‘दोहरा झटका’, ‘रोजाना ब्याज से अतिरिक्त बोझ’ जैसी खबरें पूरी तरह भ्रामक हैं। कंपनी का कहना है कि नई व्यवस्था उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से लागू की गई है, न कि उन पर अतिरिक्त भार डालने के लिए।

राज्य विद्युत नियामक आयोग के नए नियम से मिली राहत

पावर कंपनी के अनुसार, यह बदलाव छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) के नए प्रावधान के तहत लागू किया गया है। नई व्यवस्था में लेट पेमेंट का अधिभार अधिक पारदर्शी और न्यायसंगत तरीके से तय किया जाएगा। अब उपभोक्ताओं को केवल वास्तविक देरी के दिनों का ही ब्याज देना होगा।

कंपनी ने कहा कि इस व्यवस्था से समय पर भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं के साथ-साथ थोड़ी देरी से भुगतान करने वालों को भी राहत मिलेगी।

पहले एक दिन की देरी पर भी लगता था पूरे महीने का सरचार्ज

पावर कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि पहले यदि कोई उपभोक्ता निर्धारित तिथि के एक या दो दिन बाद भी बिजली बिल जमा करता था, तो उससे पूरे महीने का 1.5 प्रतिशत लेट पेमेंट सरचार्ज वसूला जाता था। यानी बहुत कम देरी होने पर भी पूरे महीने का अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता था, जिससे उपभोक्ताओं पर अनावश्यक आर्थिक बोझ बढ़ जाता था।

अब प्रतिदिन 0.04 प्रतिशत की दर से लगेगा अधिभार

नई व्यवस्था के तहत अब लेट पेमेंट अधिभार 0.04 प्रतिशत प्रतिदिन की दर से लगाया जाएगा। इसका सीधा अर्थ है कि जितने दिन की देरी होगी, केवल उतने दिनों का ही अतिरिक्त शुल्क देना होगा।

यदि कोई उपभोक्ता केवल एक दिन की देरी से बिल जमा करता है तो उसे मात्र 0.04 प्रतिशत अधिभार देना होगा। वहीं, यदि 30 दिन की देरी होती है, तब भी कुल अधिभार 1.2 प्रतिशत ही बनेगा, जो पहले लगने वाले 1.5 प्रतिशत मासिक सरचार्ज से कम है।

उदाहरण से समझें नया नियम

मान लीजिए किसी उपभोक्ता ने निर्धारित तिथि से 10 दिन बाद बिजली बिल जमा किया। नई व्यवस्था में उससे केवल 10 दिनों के हिसाब से 0.4 प्रतिशत (0.04% × 10 दिन) अधिभार लिया जाएगा। वहीं यदि भुगतान 30 दिन बाद किया जाता है तो कुल अधिभार 1.2 प्रतिशत होगा।

पुरानी व्यवस्था में एक दिन की देरी होने पर भी पूरे महीने का 1.5 प्रतिशत सरचार्ज देना पड़ता था। इस तुलना से स्पष्ट है कि नई प्रणाली उपभोक्ताओं के लिए अधिक लाभकारी और पारदर्शी है।

अफवाहों से बचने की अपील

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी ने कहा है कि नई व्यवस्था में अधिभार की दर बढ़ाई नहीं गई है, बल्कि पहले की तुलना में कम कर दी गई है। इसलिए इसे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ या रोजाना बढ़ते ब्याज के रूप में प्रचारित करना तथ्यात्मक रूप से गलत है।

कंपनी ने आम नागरिकों और मीडिया से अपील की है कि वे केवल प्रमाणित और सही जानकारी साझा करें, ताकि बिजली उपभोक्ताओं के बीच किसी प्रकार का भ्रम या गलतफहमी पैदा न हो।


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