Gwalior News: सड़क हादसे ने उजाड़ दिया परिवार, ट्रक की टक्कर से पति-पत्नी की मौत, दो मासूम हुए अनाथ

Gwalior News: सड़क हादसे ने उजाड़ दिया परिवार, ट्रक की टक्कर से पति-पत्नी की मौत, दो मासूम हुए अनाथ

Gwalior News: डबरा (ग्वालियर)। मध्य प्रदेश के डबरा क्षेत्र में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है। इटायल गांव के पास तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर में जान गंवाने वाले पति-पत्नी का शुक्रवार को उनके गांव बरौल में एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सबसे भावुक पल तब आया जब दंपति के ढाई साल के मासूम बेटे ने अपने माता-पिता को मुखाग्नि दी। यह दृश्य देखकर अंतिम संस्कार में मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।

एक हादसे में उजड़ गया पूरा परिवार

मृतक नरेश जाटव और उनकी पत्नी आरती अपनी एक साल की बेटी के साथ बाइक से डबरा से अपने गांव बरौल लौट रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में आरती की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल नरेश ने ग्वालियर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे में उनकी एक साल की बेटी चमत्कारिक रूप से सुरक्षित बच गई।

दो मासूम बच्चों के सिर से उठा माता-पिता का साया

दंपति अपने पीछे ढाई साल का बेटा और एक साल की बेटी छोड़ गए हैं। दोनों बच्चों के सिर से एक ही दिन में माता-पिता का साया उठ जाने से परिवार और गांव के लोग गहरे सदमे में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों का भविष्य अब सबसे बड़ी चिंता बन गया है।

प्रेम विवाह का दर्दनाक अंत

परिजनों के अनुसार नरेश और आरती ने परिवार की सहमति के बिना प्रेम विवाह किया था। कई संघर्षों के बाद दोनों ने अपना जीवन शुरू किया था, लेकिन एक सड़क हादसे ने उनकी जिंदगी की कहानी को दर्दनाक अंत दे दिया।

मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

हादसे के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगाकर प्रशासन से मुआवजे की मांग की। लोगों का कहना है कि हादसे में अनाथ हुए दोनों बच्चों के पालन-पोषण और भविष्य की जिम्मेदारी शासन को उठानी चाहिए। वहीं पुलिस ने दुर्घटना में शामिल ट्रक क्रमांक MP 06 C 1220 को जब्त कर थाने में खड़ा कर दिया है और मामले की जांच जारी है।

गांव में पसरा मातम, हर आंख हुई नम

एक साथ पति-पत्नी की अर्थी उठने और मासूम बेटे द्वारा मुखाग्नि दिए जाने की घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम थीं। ग्रामीणों ने इसे क्षेत्र की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक बताया है।


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