CG Durg News: दुर्ग | दुर्ग जिले के बहुचर्चित बीएसपी (भिलाई स्टील प्लांट) स्क्रैप चोरी मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी संजय सिंह को उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी को कड़ी सुरक्षा के बीच दुर्ग लाया गया, जहां न्यायालय में पेश करने के बाद उसे सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले में संलिप्त एक अन्य आरोपी पिंटू उर्फ उपेंद्र ओझा को भी गिरफ्तार किया गया है।
फ्लाई ऐश टेंडर की आड़ में चल रहा था करोड़ों का खेल
पुलिस जांच में सामने आया है कि ग्राम अकलोरडीह खदान पारा स्थित एके ट्रेडर्स परिसर में फ्लाई ऐश डस्ट परिवहन के नाम पर बड़े पैमाने पर स्क्रैप चोरी का खेल संचालित किया जा रहा था। बीएसपी में फ्लाई ऐश उठाने का टेंडर मिलने के बाद आरोपी संजय सिंह ने कथित रूप से इस पूरे नेटवर्क को संचालित किया। मामले का खुलासा तब हुआ जब बीएसपी प्रबंधन ने अनियमितताओं की शिकायत दर्ज कराई।
250 टन चोरी का लोहा बरामद, करोड़ों की संपत्ति जब्त
26 मई को पुलिस द्वारा की गई छापेमारी के दौरान करीब 250 टन लोहे की प्लेट, बीम और कटिंग सामग्री बरामद की गई थी। बरामद स्क्रैप की अनुमानित कीमत करीब 90 लाख रुपये बताई गई है। वहीं स्क्रैप परिवहन और लोडिंग में इस्तेमाल वाहनों एवं मशीनों सहित कुल 3 करोड़ 22 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई थी। कार्रवाई के दौरान कई हाईवा, ट्रक और अन्य उपकरण भी कब्जे में लिए गए थे।
पहले 8 आरोपी जा चुके हैं जेल
इस चर्चित मामले में पुलिस पहले ही आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। मुख्य आरोपी संजय सिंह घटना के बाद लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बचने का प्रयास कर रहा था। पुलिस की विशेष टीम को उसकी लोकेशन उत्तर प्रदेश के देवरिया में मिली, जिसके बाद दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया गया।
पूरे नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस
एडिशनल एसपी सुखनंदन राठौर ने बताया कि बीएसपी से चोरी किए गए स्क्रैप का अवैध भंडारण और बिक्री कर आर्थिक लाभ कमाने का संगठित नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य फरार आरोपियों और पूरे गिरोह की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में कई और अहम खुलासे हो सकते हैं।

