बस्तर में बस किराए पर बवाल: डीजल महंगा होने का हवाला देकर यात्रियों से वसूले जा रहे अतिरिक्त पैसे, जांच के आदेश

बस्तर में बस किराए पर बवाल: डीजल महंगा होने का हवाला देकर यात्रियों से वसूले जा रहे अतिरिक्त पैसे, जांच के आदेश

Chhattisgarh Jagdalpur News: जगदलपुर। बस्तर से रायपुर और अन्य प्रमुख मार्गों पर यात्रा करने वाले यात्रियों ने निजी बस संचालकों पर मनमाने तरीके से किराया बढ़ाने का आरोप लगाया है। यात्रियों का कहना है कि डीजल की कीमतों में वृद्धि का हवाला देकर बस ऑपरेटर बिना किसी नई सरकारी अधिसूचना या अधिकृत आदेश के पहले से अधिक किराया वसूल रहे हैं।

सबसे अधिक शिकायतें जगदलपुर-रायपुर रूट पर चलने वाली एसी, डीलक्स और सुपर डीलक्स बसों को लेकर सामने आ रही हैं। यात्रियों के अनुसार कुछ समय पहले तक दिन की बसों में 450 से 500 रुपये तक किराया लिया जाता था, जबकि रात की बसों का किराया 650 से 700 रुपये के बीच था। अब दिन की बसों में 600 से 650 रुपये और रात की बसों में 850 से 900 रुपये तक वसूले जा रहे हैं।

यात्रियों पर बढ़ा अतिरिक्त बोझ

किराए में बढ़ोतरी के कारण एक यात्री को प्रति यात्रा 150 से 200 रुपये तक अतिरिक्त भुगतान करना पड़ रहा है। कई यात्रियों ने आरोप लगाया कि टिकट बुकिंग के समय एक किराया बताया जाता है, लेकिन यात्रा के दौरान अतिरिक्त रकम की मांग की जाती है। इसका सबसे ज्यादा असर नियमित यात्रा करने वाले लोगों पर पड़ रहा है।

पड़ोसी राज्यों के रूट भी हुए महंगे

यात्रियों का कहना है कि समस्या केवल रायपुर रूट तक सीमित नहीं है। जगदलपुर से सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा और अन्य जिलों की ओर चलने वाली कुछ निजी बसों में भी पहले की तुलना में अधिक किराया लिया जा रहा है। वहीं आंध्र प्रदेश और अन्य पड़ोसी राज्यों के लिए संचालित बस सेवाओं में भी यात्रियों को अतिरिक्त भुगतान करना पड़ रहा है।

छुट्टियों और विवाह सीजन के दौरान किराए में और बढ़ोतरी होने से यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई है।

बस संचालकों का तर्क

निजी बस संचालकों का कहना है कि डीजल की कीमतों में वृद्धि, स्पेयर पार्ट्स के बढ़ते दाम और संचालन लागत में इजाफे के कारण किराया बढ़ाना उनकी मजबूरी है। हालांकि यात्रियों का सवाल है कि यदि डीजल की कीमत ही मुख्य कारण है, तो स्थानीय और ग्रामीण मार्गों पर चलने वाली बसों का किराया अब तक क्यों नहीं बढ़ाया गया।

लोकल रूट पर किराया जस का तस

जानकारी के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों और जिला मुख्यालयों को जोड़ने वाले अधिकांश स्थानीय रूटों पर अभी भी पुरानी किराया दरें लागू हैं। इससे यात्रियों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि लंबी दूरी के कुछ विशेष रूटों पर ही अतिरिक्त किराया क्यों लिया जा रहा है।

परिवहन विभाग ने दिए जांच के आदेश

मामले को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) डीसी बंजारे ने जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि उड़नदस्ता दल को बसों में वसूले जा रहे किराए का निर्धारित दरों से मिलान करने के लिए कहा गया है।

अधिकारी के अनुसार जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर संबंधित बस संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

यात्रियों को कार्रवाई का इंतजार

किराए में कथित मनमानी बढ़ोतरी को लेकर यात्रियों में नाराजगी है। अब सभी की निगाहें परिवहन विभाग की जांच रिपोर्ट और संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं, जिससे यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।


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