Chhattisgarh Surajpur News: सूरजपुर। अंबिकापुर–बनारस मुख्य मार्ग पर स्थित भैंसामुंडा महानदी पुल की मरम्मत को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सूरजपुर कलेक्टर रैना जमील के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद पुल पर गुणवत्तापूर्ण मरम्मत नहीं कराई गई। उनके मुताबिक ठेकेदार ने केवल औपचारिकता निभाते हुए कुछ गड्ढों में सामग्री डालकर काम पूरा दिखा दिया, जबकि पुल के अधिकांश बड़े और खतरनाक गड्ढे अब भी जस के तस बने हुए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पुल की बदहाल स्थिति को लेकर लगातार खबरें प्रकाशित होने के बाद कलेक्टर ने तीन-चार दिन पहले संबंधित ठेकेदार को तत्काल गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराने के निर्देश दिए थे। लेकिन मौके पर हुआ कार्य अपेक्षाओं के विपरीत रहा। लोगों का आरोप है कि मरम्मत का काम तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं किया गया और प्रशिक्षित मिस्त्रियों की बजाय सामान्य मजदूरों से खानापूर्ति कराई गई।
बारिश के कारण पुल के गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया है। इससे प्रतिदिन इस मार्ग से गुजरने वाले दोपहिया, चारपहिया और भारी वाहनों के चालकों के सामने दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते स्थायी और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत नहीं हुई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
अंबिकापुर–बनारस को जोड़ने वाला यह मार्ग क्षेत्र का प्रमुख और अत्यंत व्यस्त मार्ग है। इसके बावजूद पुल की मरम्मत में कथित लापरवाही ने लोगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ ठेकेदार सरकारी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की अनदेखी कर केवल औपचारिकता निभा रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की तकनीकी जांच कराने, जिम्मेदार ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पुल की दोबारा गुणवत्ता मानकों के अनुरूप मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई और जानलेवा गड्ढों को नहीं भरा गया, तो क्षेत्रवासी आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। साथ ही उन्होंने प्रशासन से किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय तत्काल स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की अपील की है।

