CG Elections 2026: रायपुर। छत्तीसगढ़ में नगरीय निकायों और त्रि-स्तरीय पंचायतों के आम एवं उपचुनाव के लिए सोमवार को मतदान शुरू हो गया है। राज्य निर्वाचन आयोग की निगरानी में प्रदेशभर के मतदान केंद्रों पर मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। चुनावी प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
1,310 रिक्त पदों के लिए हो रहा मतदान
निर्वाचन आयोग के अनुसार प्रदेश में कुल 1,310 पदों के लिए मतदान कराया जा रहा है। इनमें नगर पालिका परिषद अध्यक्ष के 5 पद, पार्षद के 77 पद, जनपद पंचायत सदस्य के 10 पद, सरपंच के 82 पद और पंच के 1,136 पद शामिल हैं।
निकाय चुनाव में 31,928 मतदाता, जबकि पंचायत चुनाव में 1,02,797 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। नगरीय निकाय क्षेत्रों में मतदान सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक और पंचायत क्षेत्रों में सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक होगा।
सहसपुर लोहारा में अध्यक्ष पद पर कांटे की टक्कर
कबीरधाम जिले की नगर पंचायत सहसपुर लोहारा में अध्यक्ष पद के उपचुनाव को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। स्वर्गीय अध्यक्ष संतोष मिश्रा के निधन के बाद रिक्त हुए पद के लिए छह प्रत्याशी मैदान में हैं।
भाजपा ने सरिता संतोष मिश्रा को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने रोशन वैष्णव पर भरोसा जताया है। वहीं कांग्रेस से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे अजय यादव मुकाबले को त्रिकोणीय बना रहे हैं।
नगर पंचायत के 15 वार्डों में बनाए गए 15 मतदान केंद्रों पर कुल 5,142 मतदाता मतदान करेंगे, जिनमें 2,651 पुरुष और 2,491 महिला मतदाता शामिल हैं।
शिवनंदनपुर में भी मतदान जारी
सूरजपुर जिले की नगर पंचायत शिवनंदनपुर में भी आम निर्वाचन के लिए मतदान जारी है। यहां अध्यक्ष पद के लिए भाजपा, कांग्रेस सहित तीन प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। वहीं 15 वार्डों में पार्षद पद के लिए 52 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
नगर पंचायत क्षेत्र में कुल 4,642 मतदाता हैं, जिनमें 2,335 पुरुष और 2,307 महिला मतदाता शामिल हैं। मतदान के लिए 15 केंद्र बनाए गए हैं।
4 जून को होगी मतगणना
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार सभी मतदान केंद्रों पर सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। मतदान समाप्त होने के बाद 4 जून 2026 को मतगणना की जाएगी और उसी दिन चुनाव परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। चुनावी नतीजों पर प्रदेश की राजनीतिक पार्टियों और स्थानीय मतदाताओं की नजरें टिकी हुई हैं।

