सुशासन तिहार में मंच पर भिड़े धरमलाल कौशिक और राजेंद्र शुक्ला, ‘चोर-चोर’ के नारों के बीच बढ़ा विवाद

सुशासन तिहार में मंच पर भिड़े धरमलाल कौशिक और राजेंद्र शुक्ला, ‘चोर-चोर’ के नारों के बीच बढ़ा विवाद

Dharamlal Kaushik and Rajendra Shukla Controversy: बिलासपुर। बिल्हा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम गोढ़ी में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम उस समय विवादों में घिर गया, जब भाजपा विधायक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक तथा वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला के बीच मंच पर ही तीखी बहस हो गई। कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा लगाए गए ‘चोर-चोर’ के नारों के बाद माहौल और अधिक गरमा गया। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल

जानकारी के अनुसार, ग्राम गोढ़ी में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। इसी दौरान कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला ने किसानों को खाद-बीज की उपलब्धता, बिजली-पानी की समस्या, जर्जर सड़कों और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने अधिकारियों के कामकाज पर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया कि जनता की शिकायतों और आवेदनों का समय पर निराकरण नहीं हो रहा है।

योजनाओं और प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल

राजेंद्र शुक्ला ने मंच से सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उनके वक्तव्य के बाद विधायक धरमलाल कौशिक ने जवाब देते हुए राज्य सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों का पक्ष रखा। इसी दौरान दोनों नेताओं के बीच बहस शुरू हो गई, जिसने जल्द ही राजनीतिक रंग ले लिया।

अधिकारियों से जवाब मांगने पर बढ़ा विवाद

कांग्रेस नेता का आरोप है कि विभिन्न विभागों की योजनाओं और विकास कार्यों को लेकर अधिकारियों की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। उनका कहना है कि जैसे ही उन्होंने जनहित के मुद्दे उठाए, ग्रामीणों ने भी खुलकर अपनी समस्याएं सामने रखनी शुरू कर दीं। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों से जवाब मांगा, जिस पर मंच से ही तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।

‘चोर-चोर’ के नारों से गरमाया माहौल

बहस के दौरान दोनों नेताओं के समर्थक लगातार नारेबाजी करते रहे। इसी बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध जताते हुए ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए। नारेबाजी से नाराज विधायक धरमलाल कौशिक ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ गए।

प्रशासन ने संभाला मोर्चा, विधायक ने विवाद से किया इनकार

स्थिति बिगड़ती देख कार्यक्रम में मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को शांत कराया, जिसके बाद माहौल सामान्य हो सका। वहीं, शनिवार को विधायक धरमलाल कौशिक ने किसी भी व्यक्तिगत विवाद से इनकार करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता अधिकारियों से ऊंची आवाज में सवाल-जवाब कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य जनता की समस्याओं का समाधान करना है और सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन शासकीय कार्य में व्यवधान उत्पन्न करना उचित नहीं है।


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