Chhattisgarh Bijapur News: बीजापुर: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सोमवार दोपहर एक निजी तेंदूपत्ता गोदाम में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। देखते ही देखते आग ने पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वहां रखे करीब 18 हजार बोरे जलकर राख हो गए। शुरुआती अनुमान के मुताबिक इस हादसे में 10 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के ईटपाल इलाके की बताई जा रही है।
धुएं के गुबार से मची अफरा-तफरी
जानकारी के मुताबिक वन विभाग ने तेंदूपत्ता भंडारण के लिए ईटपाल क्षेत्र में एक निजी गोदाम किराए पर लिया था। सोमवार दोपहर करीब 2:30 बजे अचानक गोदाम में आग लग गई। उस समय गोदाम में बड़ी मात्रा में तेंदूपत्ता संग्रहित था। तेज गर्मी और सूखे मौसम के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और कुछ ही देर में आसमान में धुएं का विशाल गुबार दिखाई देने लगा।
घटना के बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोग भयभीत होकर मौके से दूर हटने लगे। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
आग बुझाने में जुटी कई एजेंसियां
आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया। लेकिन आग इतनी विकराल थी कि हालात पर काबू पाने के लिए वन विभाग, पुलिस, नगर पालिका और CRPF के जवानों को भी राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया।
गोदाम परिसर में खड़ी गाड़ियों को तत्काल बाहर निकाला गया ताकि आग और न फैल सके। देर रात तक आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका था और दमकलकर्मी लगातार मशक्कत करते रहे।
सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि गोदाम में बड़ी मात्रा में तेंदूपत्ता संग्रहित किए जाने के बावजूद पर्याप्त अग्निशमन व्यवस्था नहीं थी। मौके पर न तो पर्याप्त पानी की व्यवस्था थी और न ही जरूरी फायर सेफ्टी उपकरण उपलब्ध थे। घटना के बाद तेंदूपत्ता भंडारण केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जांच के बाद सामने आएगी वजह
बीजापुर के डीएफओ रमेश जांगड़े ने बताया कि आग लगने की सूचना मिलते ही प्रशासन और फायर ब्रिगेड को तत्काल सूचना दी गई थी। उन्होंने कहा कि फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है और इसकी जांच की जा रही है।
वहीं सीसीएफ आलोक तिवारी ने कहा कि वे बीजापुर पहुंचकर पूरे मामले की समीक्षा करेंगे और यह देखा जाएगा कि आखिर चूक कहां हुई। जांच के बाद ही आग लगने की असली वजह स्पष्ट हो पाएगी।

