इंदौर में खाद्य सैंपल जांच व्यवस्था पर सवाल, भोपाल लैब में स्टाफ की कमी से 500 रिपोर्ट लंबित

इंदौर में खाद्य सैंपल जांच व्यवस्था पर सवाल, भोपाल लैब में स्टाफ की कमी से 500 रिपोर्ट लंबित

Indore News: इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में खाद्य विभाग की लगातार छापेमार कार्रवाई के बीच अब जांच व्यवस्था पर ही गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। शहर से लिए जा रहे खाद्य पदार्थों के सैंपल जांच के लिए भोपाल लैब भेजे जा रहे हैं, लेकिन वहां स्टाफ की भारी कमी के चलते रिपोर्ट आने में 2 से 3 महीने तक का समय लग रहा है।

नियमों के अनुसार खाद्य सैंपल भेजे जाने के 14 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट जारी हो जानी चाहिए, लेकिन वर्तमान स्थिति में रिपोर्ट तय समय से काफी देरी से मिल रही है। इससे मिलावटी और संदिग्ध खाद्य पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

400 से 500 सैंपल की रिपोर्ट लंबित

जानकारी के मुताबिक इंदौर से भेजे गए करीब 400 से 500 खाद्य सैंपल्स की रिपोर्ट अब तक लंबित पड़ी हुई है। खाद्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि भोपाल लैब में स्टाफ की कमी के कारण जांच प्रक्रिया धीमी हो गई है और समय पर रिपोर्ट जारी नहीं हो पा रही है।

अधिकारियों के अनुसार, जिन खाद्य पदार्थों में शुरुआती जांच के दौरान मिलावट, मिसब्रांडिंग या असुरक्षित होने की आशंका सामने आती है, उनके विक्रय पर तत्काल रोक लगा दी जाती है। हालांकि अंतिम रिपोर्ट में देरी होने से आगे की कानूनी कार्रवाई प्रभावित हो रही है।

कार्रवाई पर पड़ रहा असर

विशेषज्ञों का मानना है कि जांच रिपोर्ट में देरी होने से मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ अभियान की प्रभावशीलता कम हो सकती है। वहीं उपभोक्ताओं की सुरक्षा और खाद्य गुणवत्ता को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। अब जरूरत इस बात की बताई जा रही है कि लैब में स्टाफ बढ़ाकर जांच प्रक्रिया को तेज किया जाए, ताकि समय पर रिपोर्ट जारी हो सके।


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