Chhattisgarh Latest News: रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार का राजस्व विभाग आम नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए भूमि और राजस्व सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और पेपरलेस बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस पहल के तहत अब लोगों को खसरा-बी-1, नामांतरण और अन्य कार्यों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पहल पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि सरकार तकनीक के माध्यम से शासन को जनता के द्वार तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राजस्व सेवाओं का डिजिटलीकरण समय और श्रम की बचत के साथ पारदर्शी प्रशासन सुनिश्चित करेगा।
वहीं, टंकराम वर्मा ने बताया कि विभाग अपनी कार्यप्रणाली में व्यापक बदलाव कर रहा है। ‘डिजिटल इंडिया भू-अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम’ (DILMP) के तहत राज्य को अत्याधुनिक राजस्व तंत्र से जोड़ा जा रहा है, जिससे नागरिक घर बैठे अपनी जमीन से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकें।
नई व्यवस्था के तहत नागरिक अब खसरा और बी-1 की डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्रति मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं। साथ ही किसी भी बदलाव की जानकारी रियल-टाइम SMS के जरिए सीधे मोबाइल पर मिलेगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और छेड़छाड़ की संभावना कम होगी।
इसके अलावा, उप पंजीयक कार्यालय में रजिस्ट्रेशन होते ही नामांतरण प्रक्रिया स्वतः शुरू हो जाएगी। गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध मोबाइल ऐप के माध्यम से भी लोग अपने स्मार्टफोन से जमीन का रिकॉर्ड देख और डाउनलोड कर सकते हैं।
राज्य में अब तक 20,286 गांवों के खसरा और 19,694 गांवों के नक्शों का कंप्यूटरीकरण किया जा चुका है, जबकि 18,959 गांवों के नक्शों का जियोरेफरेंसिंग कार्य पूरा हो चुका है। ‘प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजना’ के तहत इस प्रक्रिया को और तेज किया जा रहा है।
इस डिजिटल पहल से आम नागरिकों को अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी और राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता, गति और सुगमता आएगी, जो राज्य के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

