Raipur News: काले कपड़ों में पहुंचे पार्षद, महिला सशक्तिकरण पर सियासत तेज, नेता प्रतिपक्ष ने उठाए कई सवाल

Raipur News: काले कपड़ों में पहुंचे पार्षद, महिला सशक्तिकरण पर सियासत तेज, नेता प्रतिपक्ष ने उठाए कई सवाल

Chhattisgarh Raipur News: रायपुर। रायपुर नगर निगम की विशेष सामान्य सभा में महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर जमकर सियासत देखने को मिली। नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने सत्तापक्ष पर निशाना साधते हुए कई गंभीर सवाल उठाए और भाजपा पार्षदों के काले कपड़ों में पहुंचने पर भी सवाल खड़े किए।

आकाश तिवारी ने कहा कि महिला सशक्तिकरण की बात करने वाली भाजपा का इतिहास इस विषय पर विरोध का रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि 1989 में लाए गए महिला आरक्षण प्रस्ताव का भाजपा ने विरोध किया था, जबकि आज वही पार्टी इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है।

उन्होंने 16 अप्रैल 2026 को लागू किए गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण विधेयक) का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे परिसीमन से जोड़कर राजनीतिक रूप दिया जा रहा है, जिसका विपक्ष विरोध कर रहा है। उनका कहना था कि नियमानुसार जनगणना के बाद ही परिसीमन होना चाहिए, लेकिन इसे अन्य तरीके से जोड़ना गलत है।

काले कपड़ों पर सवाल

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि महिला सशक्तिकरण जैसे प्रस्ताव पर भाजपा पार्षदों का काले कपड़े पहनकर आना समझ से परे है। उन्होंने सवाल उठाया कि वे इस प्रस्ताव के पक्ष में थे या विरोध में, यह स्पष्ट नहीं हो पाया।

महतारी वंदन योजना पर उठाए सवाल

तिवारी ने छत्तीसगढ़ में महिलाओं को मिलने वाली राशि को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य में जहां महिलाओं को 1000 रुपए प्रतिमाह दिए जा रहे हैं, वहीं अन्य राज्यों में इससे अधिक राशि दी जा रही है। उन्होंने इसे दोहरी नीति करार दिया।

घोषणाओं और जमीनी हकीकत पर सवाल

उन्होंने 25% संपत्ति कर छूट के वादे को अब तक लागू न किए जाने पर भी सवाल उठाए। साथ ही, पूर्व परिषद द्वारा बनाए गए स्वरोजगार केंद्र के अब तक शुरू न होने पर नाराजगी जताई।

महिलाओं की पेंशन का मुद्दा

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि शहर की बुजुर्ग और विधवा महिलाओं को पिछले छह महीनों से पेंशन नहीं मिल रही है, जो उनके अधिकारों का हनन है। उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण के दावों के विपरीत बताया।

अन्य मुद्दों पर चर्चा की मांग

सभा शुरू होने से पहले तिवारी ने तात्यापारा चौड़ीकरण, वार्ड विकास और पेयजल संकट जैसे मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग की, लेकिन आरोप लगाया कि सत्तापक्ष इन विषयों से बचता रहा।

इस दौरान उप नेता प्रतिपक्ष जय सत्यनारायण नायक सहित कई पार्षद मौजूद रहे। सभा में उठे इन मुद्दों के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली और सियासी रुख पर एक बार फिर बहस तेज हो गई है।


Related Articles