सुप्रीम कोर्ट से अमित जोगी को बड़ी राहत, उम्रकैद पर लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट से अमित जोगी को बड़ी राहत, उम्रकैद पर लगाई रोक

Major Relief for Amit Jogi News: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के उस फैसले पर रोक लगा दी, जिसमें अमित जोगी को राकांपा नेता रामावतार जग्गी की 2003 में हुई हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। हाईकोर्ट ने हाल ही में इस मामले में अमित जोगी को दोषी ठहराते हुए उन्हें जेल अधिकारियों के सामने सरेंडर करने का निर्देश दिया था।

31 मई 2007 को एक निचली अदालत ने कहा था कि अभियोजन पक्ष 28 आरोपियों के खिलाफ आरोप साबित करने में सफल रहा है। हालांकि, अदालत ने दिवंगत अजीत जोगी द्वारा स्थापित जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के अध्यक्ष अमित जोगी को उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों से बरी कर दिया था।

अमित जोगी की ओर से पेश हुए थे विवेक तन्खा और कपिल सिब्बल
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने अमित जोगी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा और कपिल सिब्बल की दलीलों पर गौर करते हुए उनकी दोषसिद्धि और सजा पर रोक लगा दी। पीड़ित परिवार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा और गोपाल शंकरनारायणन ने इस दलील का विरोध किया।

CBI को नोटिस जारी
हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अमित जोगी की याचिका पर CBI को नोटिस भी जारी किया। अमित जोगी ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। हाईकोर्ट ने पिछले महीने सीबीआई की अपील पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद 2003 के हत्या मामले की सुनवाई दोबारा शुरू की थी।

4 जून 2003 को हुई थी रामावतार जग्गी की हत्या
इस मामले की शुरुआती जांच राज्य पुलिस ने की थी, जिसे बाद में सीबीआई को सौंप दिया गया। सीबीआई ने अमित जोगी सहित कई आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। रामावतार जग्गी की चार जून 2003 को हत्या कर दी गई थी। उस समय अजीत जोगी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री थे।


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