Chhattisgarh Bilaspur News: बिलासपुर। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में शानदार सफलता हासिल करने वाले बिलासपुर के छात्र-छात्राओं ने अपनी उपलब्धि का जश्न मनाया। इस अवसर पर सफल विद्यार्थियों का सम्मान किया गया और उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों तथा लगातार मिले मार्गदर्शन और प्रेरणा को दिया। छात्रों ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में परिवार और शिक्षकों का भरोसा ही उन्हें दोबारा मजबूती से खड़ा होने की ताकत देता है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने री-नीट (Re-NEET) जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि परीक्षा दोबारा होने की घोषणा के बाद शुरुआत में निराशा जरूर हुई, लेकिन परिवार और शिक्षकों ने उनका मनोबल बढ़ाया और फिर से पूरी मेहनत के साथ तैयारी करने के लिए प्रेरित किया। इसी का परिणाम है कि आज वे सफलता का यह मुकाम हासिल कर सके।
‘लगातार अभ्यास ही सफलता का सबसे बड़ा मंत्र’
सफल छात्रों ने कहा कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता पाने के लिए नियमित अध्ययन, लगातार अभ्यास, टेस्ट सीरीज और प्रश्नपत्रों का गहन विश्लेषण बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि अपनी गलतियों का मूल्यांकन करना और उन्हें सुधारना भी सफलता का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उत्कर्ष राठौर बोले- री-नीट ने दिया खुद को बेहतर साबित करने का मौका
NEET में सफलता प्राप्त करने वाले छात्र उत्कर्ष राठौर ने कहा कि री-नीट उनके लिए एक नई चुनौती जरूर थी, लेकिन उन्होंने इसे अपनी पिछली रैंक सुधारने के अवसर के रूप में लिया। उन्होंने कहा कि माता-पिता और शिक्षकों का योगदान शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। उनके विश्वास और मार्गदर्शन ने ही उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने का आत्मविश्वास दिया।
शिक्षकों का जताया आभार
अन्य सफल विद्यार्थियों ने भी अनअकैडमी बिलासपुर सेंटर के शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उनका कहना था कि शिक्षकों ने हर परिस्थिति में उन्हें सकारात्मक सोच बनाए रखने और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की सीख दी। यही सीख उनके आत्मविश्वास और सफलता की सबसे बड़ी ताकत बनी।
निराश छात्रों से भावुक अपील
कार्यक्रम के दौरान सफल विद्यार्थियों ने उन अभ्यर्थियों से भी खास अपील की जो किसी कारणवश सफलता हासिल नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि असफलता जीवन का अंत नहीं है और आत्महत्या जैसी कोई भी गलत सोच कभी समाधान नहीं हो सकती। यदि किसी छात्र पर मानसिक दबाव है या वह निराश महसूस कर रहा है, तो उसे अपने माता-पिता, शिक्षकों या भरोसेमंद लोगों से खुलकर बात करनी चाहिए। सही मार्गदर्शन और सकारात्मक सोच के साथ हर चुनौती का सामना किया जा सकता है।
दूसरे अभ्यर्थियों के लिए बने प्रेरणा स्रोत
बिलासपुर के इन सफल विद्यार्थियों की कहानी यह साबित करती है कि कठिन मेहनत, सही रणनीति, अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन और परिवार का अटूट विश्वास किसी भी चुनौती को सफलता में बदल सकता है। NEET में मिली यह सफलता न केवल उनके परिवार और शिक्षकों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि आने वाले वर्षों में परीक्षा की तैयारी कर रहे हजारों छात्रों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

