मिष्ठी वैष्णव को कथक में भारत सरकार की राष्ट्रीय छात्रवृत्ति, 9 वर्षों तक मिलेगी विशेष तालीम

मिष्ठी वैष्णव को कथक में भारत सरकार की राष्ट्रीय छात्रवृत्ति, 9 वर्षों तक मिलेगी विशेष तालीम

Chhattsigarh Raigarh News: रायगढ़। शहर की प्रतिभावान बाल कथक नृत्यांगना कुमारी मिष्ठी वैष्णव ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत सीसीआरटी (सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र) की प्रतिष्ठित राष्ट्रीय छात्रवृत्ति परीक्षा वर्ष 2026 में सफलता प्राप्त की है। इस कठिन परीक्षा में देशभर से 10 से 14 वर्ष के चुनिंदा प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का चयन किया जाता है, जिसमें मिष्ठी ने अपने पहले ही प्रयास में सफलता अर्जित कर इतिहास रच दिया।

वर्तमान में मात्र 11 वर्ष की मिष्ठी को इस छात्रवृत्ति के तहत आगामी 9 वर्षों तक भारत सरकार के संरक्षण में रायगढ़ घराने की पारंपरिक एवं उच्च स्तरीय कथक शिक्षा प्राप्त होगी। यह प्रशिक्षण उन्हें अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कथक गुरु शरद वैष्णव के निर्देशन में मिलेगा।

मिष्ठी, राजापारा स्थित श्री वैष्णव संगीत महाविद्यालय की तृतीय वर्ष की छात्रा हैं और कथक कला उन्हें विरासत में मिली है। वे रायगढ़ कथक घराने के स्तंभ नृत्याचार्य स्वर्गीय पंडित फिरतु महाराज जी की चौथी पीढ़ी से संबंध रखती हैं। उनके दादा स्वर्गीय पं. राममूर्ति वैष्णव कथक के प्रतिष्ठित कलाकार एवं गुरु रहे हैं।

मिष्ठी के माता-पिता सनत वैष्णव एवं ललिता वैष्णव ने इस सफलता का श्रेय गुरु के मार्गदर्शन, कठिन परिश्रम और मिष्ठी के समर्पण को दिया है। स्वयं मिष्ठी का कहना है कि इस परीक्षा की तैयारी उनके जीवन का अब तक का सर्वश्रेष्ठ सीखने का अनुभव रहा और उन्हें उम्मीद नहीं थी कि वे पहले ही प्रयास में सफल हो जाएंगी।

मिष्ठी ने देश के विभिन्न शहरों जैसे बिलासपुर, रायपुर, भिलाई, पुरी, भोपाल, जबलपुर और दार्जिलिंग में आयोजित प्रतिष्ठित समारोहों और प्रतियोगिताओं में प्रस्तुति देकर अनेक राष्ट्रीय स्वर्ण पदक प्राप्त किए हैं।

यह उल्लेखनीय है कि पिछले 10 वर्षों में श्री वैष्णव संगीत महाविद्यालय से 8 विद्यार्थियों का चयन इस राष्ट्रीय छात्रवृत्ति के लिए हो चुका है, जो रायगढ़ और छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। मिष्ठी ने सरकार से छत्तीसगढ़ के लिए छात्रवृत्ति की सीटें बढ़ाने की मांग भी की है, ताकि अधिक से अधिक प्रतिभाओं को अवसर मिल सके।


इस उपलब्धि पर मिष्ठी को देशभर से बधाइयों और आशीर्वाद का तांता लगा हुआ है। रायगढ़ की यह उभरती नृत्यांगना भविष्य में कथक के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने की ओर अग्रसर है।


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