दुर्ग पुलिस का बड़ा एक्शन: डेढ़ करोड़ महीने का ऑनलाइन सट्टा रैकेट ध्वस्त, मास्टरमाइंड समेत 9 गिरफ्तार

दुर्ग पुलिस का बड़ा एक्शन: डेढ़ करोड़ महीने का ऑनलाइन सट्टा रैकेट ध्वस्त, मास्टरमाइंड समेत 9 गिरफ्तार

Durg Police Action on Online Satta: दुर्ग: दुर्ग पुलिस ने ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम देते हुए अंतर्राज्यीय सट्टा सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। थाना छावनी पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह भिलाई से नागपुर तक फैला था और प्रतिमाह करीब डेढ़ करोड़ रुपये का ऑनलाइन लेन-देन कर रहा था।

कैसे हुआ खुलासा

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर ने बताया कि छावनी निवासी निशांत कुमार गुप्ता लंबे समय से ठिकाने बदल-बदलकर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा चला रहा था। पुख्ता सूचना पर पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में पता चला कि वह “C-B Cricket Buzz Betting App” और “RubyBet” जैसे प्लेटफॉर्म से अवैध कारोबार चला रहा था।

नागपुर से चल रहा था सट्टा सेंटर

निशांत की निशानदेही पर दुर्ग पुलिस ने नागपुर के एक किराये के मकान में दबिश दी। वहां 8 युवक ऑनलाइन सट्टा चलाते रंगे हाथ पकड़े गए। आरोपी डिपॉजिट, विड्रॉल, आईडी मैनेजमेंट और अकाउंट ऑपरेशन संभालते थे। इसके बदले उन्हें 20-25 हजार रुपये मासिक वेतन मिलता था।

फर्जी खातों से होता था लेन-देन

जांच में सामने आया कि गिरोह रोजाना 4-5 लाख रुपये का लेन-देन करता था। रकम छिपाने के लिए फर्जी बैंक खाते, एटीएम और सिम कार्ड का इस्तेमाल हो रहा था। पैसे को कई खातों में परत-दर-परत ट्रांसफर किया जाता था। पुलिस ने इस आधार पर BNS की धारा 317(4), 318(4) और टेलीकॉम अधिनियम की धारा 42 जोड़ी है।

क्या-क्या हुआ जब्त

इलेक्ट्रॉनिक सामान: 26 मोबाइल, 3 लैपटॉप, 2 आईपैड बैंकिंग सामग्री: 85 एटीएम कार्ड, 18 पासबुक, 45 सिम कार्ड नकदी व जेवर: 1.54 लाख रुपये नकद, 23 लाख के सोने-डायमंड के आभूषण अन्य: चेकबुक, आधार कार्ड, हिसाब-किताब के दस्तावेज मुख्य आरोपी ने सट्टे की कमाई से 15 तोला सोने-डायमंड के जेवर खरीदे थे, जिन्हें पावर हाउस के एक ज्वेलर्स के यहां गिरवी रखा गया था।

कौन-कौन गिरफ्तार

मुख्य आरोपी निशांत कुमार गुप्ता भिलाई का है। बाकी 8 आरोपी उत्तर प्रदेश के आजमगढ़, मऊ, महाराजगंज और बिहार के दरभंगा जिले के रहने वाले हैं।थाना छावनी में अपराध क्रमांक 371/2026 के तहत छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता और टेलीकॉम अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज कर जांच जारी है। पुलिस अब नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और वित्तीय लेन-देन की पड़ताल कर रही है।


Related Articles