वेदांता पावर प्लांट ब्लास्ट केस: अनिल अग्रवाल समेत 8 अधिकारियों पर FIR, 20 मजदूरों की मौत

वेदांता पावर प्लांट ब्लास्ट केस: अनिल अग्रवाल समेत 8 अधिकारियों पर FIR, 20 मजदूरों की मौत

Vedanta Power Plant Blast Case: सक्ति। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट ब्लास्ट केस में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। सक्ती के एसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि पुलिस ने वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड के संस्थापक एवं चेयरमैन अनिल अग्रवाल, कंपनी मैनेजर देवेंद्र पटेल और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ डभरा पुलिस थाने में FIR दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक, कंपनी के चेयरमैन समेत 8 जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। प्लांट हेड देवेंद्र पटेल के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। इस हादसे में अब तक 20 मजदूरों की मौत हो चुकी है।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

 पुलिस अधीक्षक (SP) प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि डभरा पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 (लापरवाही से मौत का कारण बनना), 289 (मशीनरी के संबंध में लापरवाही भरा आचरण) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसपी ने कहा कि FIR में वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल सहित आठ से दस लोगों के नाम शामिल हैं। अगर जांच के दौरान और लोग भी ज़िम्मेदार पाए जाते हैं तो उनके नाम भी इसमें जोड़ दिए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि घटना की जांच चल रही है और कई रिपोर्टों का इंतज़ार है। इनमें मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, और फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी और औद्योगिक स्वास्थ्य और सुरक्षा विभाग की रिपोर्टें शामिल हैं। एसपी ने कहा की बलास्ट के कारणों की जांच के लिए एक तकनीकी टीम भी बनाई गई है। सभी रिपोर्टें मिलने के बाद, अगर ज़रूरत पड़ी तो और भी धाराएं जोड़ी जाएंगी। 

हादसे में 20 लोगों की मौत, 16 घायल

पावर प्लांट में धमाका 14 अप्रैल को हुआ था। उस समय बॉयलर से टर्बाइन तक हाई-प्रेशर वाली भाप ले जाने वाला एक स्टील का पाइप फट गया था, जिससे कई मज़दूर बुरी तरह झुलस गए थे। इस घटना में 20 लोगों की मौत हो गई और 16 लोग घायल हो गए। इस मामले की तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से गहन जांच करने के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। इस टीम का नेतृत्व एडिशनल SP पंकज पटेल कर रहे हैं, और इसमें सब-डिविजनल पुलिस अधिकारी सुमित गुप्ता, फोरेंसिक विशेषज्ञ सृष्टि सिंह और स्टेशन हाउस ऑफिसर राजेश पटेल शामिल हैं। प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद देने का वादा किया है।


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