SI Sheshnarayan Diwan News मगरलोड क्षेत्र के ग्राम मोहंदी में उस समय उत्साह और गर्व का माहौल देखने को मिला, जब शेषनारायण दीवान एसआई बनने के बाद पहली बार वर्दी पहनकर अपने गांव पहुंचे। उनके स्वागत के लिए पूरा गांव उमड़ पड़ा और माहौल जश्न में बदल गया। ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों और गाजे-बाजे के साथ भव्य स्वागत रैली निकाली, जो गांव के प्रवेश द्वार से शुरू होकर पूरे गांव में भ्रमण करती रही। इस दौरान हर तरफ खुशी और गर्व की झलक दिखाई दी।
ग्रामीण दानवीर सिन्हा के नेतृत्व में आयोजित इस स्वागत कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। यह गांव के लिए ऐतिहासिक पल था, क्योंकि पहली बार किसी निवासी ने सीधे अधिकारी पद हासिल किया है। गांव पहुंचते ही शेषनारायण दीवान ने सबसे पहले अपनी जन्मभूमि की माटी को नमन किया और उसके बाद माता-पिता एवं परिवार के अन्य सदस्यों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद ग्रामीणों ने फूलमालाओं से उनका स्वागत किया और भारत माता के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।
किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले शेषनारायण दीवान ने अपनी सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह उनके लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने बताया कि उनके दिवंगत दादा का सपना था कि परिवार से कोई पुलिस अधिकारी बने और उसी सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने लगातार मेहनत की। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनके दादा आज जीवित होते तो उनकी खुशी और भी अधिक होती।
शेषनारायण दीवान बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रहे हैं। उन्होंने राजधानी स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय से फिजिक्स में एमएससी की पढ़ाई पूरी की है। उनकी सफलता की खास बात यह है कि उन्होंने एसआई भर्ती की तैयारी के लिए किसी प्रकार की कोचिंग का सहारा नहीं लिया, बल्कि स्वाध्याय के माध्यम से ही परीक्षा की तैयारी कर यह उपलब्धि हासिल की। उनकी इस सफलता से पूरे गांव में हर्ष और प्रेरणा का माहौल बना हुआ है और युवा उन्हें आदर्श के रूप में देख रहे हैं।

