मजदूर सम्मेलन में मुख्य अतिथि का प्रभावी उद्बोधन, श्रमिकों के सम्मान, सुरक्षा और कौशल विकास पर दिया गया विशेष बल

मजदूर सम्मेलन में मुख्य अतिथि का प्रभावी उद्बोधन, श्रमिकों के सम्मान, सुरक्षा और कौशल विकास पर दिया गया विशेष बल

पाटन (दुर्ग, छत्तीसगढ़): पाटन में आयोजित गरिमामय मजदूर सम्मेलन में मुख्य अतिथि कमल वर्मा ने श्रमिकों को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताते हुए उनके अधिकारों, सुरक्षा और सामाजिक सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्य अतिथि ने अध्यक्ष, मंचासीन अतिथियों एवं श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों का अभिवादन करते हुए सफल आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि श्रमिक केवल श्रम शक्ति नहीं, बल्कि देश की प्रगति के वास्तविक शिल्पकार हैं, जिनके परिश्रम और समर्पण से समाज का भविष्य निर्मित होता है।

उन्होंने उद्योग, कृषि, निर्माण, परिवहन और सेवा क्षेत्र में श्रमिकों की अहम भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि किसी भी राष्ट्र के विकास की गति उसके श्रमिक वर्ग की मेहनत पर निर्भर करती है। साथ ही उन्होंने संविधान द्वारा प्रदत्त श्रमिकों के अधिकारों—सम्मानजनक जीवन, समान अवसर और सामाजिक सुरक्षा—पर प्रकाश डाला।

मुख्य अतिथि ने बदलते आर्थिक और तकनीकी परिवेश का जिक्र करते हुए कौशल विकास, रोजगार स्थिरता और असंगठित क्षेत्र की चुनौतियों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के हित में चलाई जा रही शासकीय योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए।

श्रमिक संगठनों से संवाद और सहयोग की अपेक्षा जताते हुए उन्होंने कहा कि अधिकारों और कर्तव्यों के संतुलन से ही औद्योगिक शांति और उत्पादन वृद्धि संभव है। अंत में उन्होंने श्रमिकों को उनके हितों की रक्षा का भरोसा दिलाते हुए समावेशी विकास के लिए मिलकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।

सम्मेलन में यादो राम, गरीब साहू, रमेश शर्मा, सत्येंद्र देवांगन, ललित बिजौरा, टिकेंद्र वर्मा, महेंद्र साहू और चंचल द्विवेदी सहित कई अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन परदेशी राम साहू ने किया।

जिला स्तरीय इस सम्मेलन में श्रमिक संघ के संस्थापक राजकुमार छेदैया, अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार वर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रमिकों ने भाग लिया।


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