Chhattisgarhh Raipur News: रायपुर: छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के कर्मचारियों की 11 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्य सचिव से मुलाकात की। इस दौरान फेडरेशन ने कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को विस्तार से रखा।
मुख्य सचिव ने सभी मांगों को गंभीरता से सुनते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार कर्मचारियों की जायज़ समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और जल्द ही सकारात्मक निर्णय लिए जाएंगे।
फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने डीए एरियर्स को जीपीएफ खाते में समायोजित करने, 300 दिवस अर्जित अवकाश नगदीकरण, चार स्तरीय समयमान वेतनमान, वेतन विसंगतियों के निराकरण और शिक्षकों की सेवा गणना जैसे मुद्दों पर विशेष पहल की मांग की।
इसके साथ ही पिछले सात वर्षों से लंबित राज्य स्तरीय परामर्शदात्री समिति की बैठक जल्द आयोजित कराने की मांग भी रखी गई, जिस पर मुख्य सचिव ने सहमति जताई।
बैठक में आधार आधारित उपस्थिति प्रणाली में आ रही तकनीकी समस्याओं का मुद्दा भी उठाया गया। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि इस व्यवस्था के क्रियान्वयन में किसी भी अधिकारी पर अनावश्यक दबाव नहीं डाला जाना चाहिए।
फेडरेशन ने विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती के बजाय सेवानिवृत्त अधिकारियों की संविदा नियुक्तियों पर भी आपत्ति जताई, जिस पर मुख्य सचिव ने भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया।
पेंशनरों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। फेडरेशन ने कैशलेस चिकित्सा सुविधा और लंबित महंगाई राहत देने की मांग रखी। इस पर भी जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया गया।
मुख्य सचिव ने कर्मचारियों से ईमानदारी और निष्ठा के साथ कार्य करने की अपील करते हुए प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक जवाबदेह बनाने में सहयोग मांगा। इस बैठक के बाद कर्मचारी वर्ग में सकारात्मक माहौल और नई उम्मीद देखने को मिल रही है।

