bhilai canal road protest भिलाई शहर में नंदिनी रोड से कोहका तक प्रस्तावित केनाल रोड को लेकर स्थानीय लोगों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। प्रशासन की ओर से सड़क निर्माण के लिए चिन्हित क्षेत्र में मार्किंग किए जाने के बाद प्रभावित परिवारों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि इस परियोजना की जद में बड़ी संख्या में घर और धार्मिक स्थल आ रहे हैं। बुधवार को परदेशी चौक, रामनगर इलाके में बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए और अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कुछ समय के लिए चक्काजाम भी किया गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और क्षेत्र में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि प्रस्तावित सड़क की चौड़ाई 30 फीट रखी गई है, जो उनके लिए गंभीर समस्या बन रही है। स्थानीय निवासियों के अनुसार इस इलाके में पहले से ही सामने एक सड़क मौजूद है, ऐसे में बगल में इतनी चौड़ी नई सड़क बनाने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि सड़क की चौड़ाई को घटाकर 15 फीट किया जाए, ताकि कम से कम नुकसान हो और लोग बेघर होने से बच सकें।
मार्किंग के बाद सामने आई स्थिति ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। कई निवासियों ने बताया कि सड़क बनने के बाद उनके घर के सामने मात्र 3 से 5 फीट तक की जगह ही बच पाएगी। कुछ परिवारों का कहना है कि वे पिछले 50 से 60 वर्षों से इस क्षेत्र में रह रहे हैं और अब उनके घरों का बड़ा हिस्सा टूटने की कगार पर है। ऐसे में उनके पास रहने के लिए पर्याप्त जगह भी नहीं बचेगी, जिससे उनका जीवन पूरी तरह प्रभावित हो जाएगा।
स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि इस सड़क निर्माण से बड़ी संख्या में परिवार सीधे तौर पर प्रभावित होंगे और कई घर पूरी तरह से ध्वस्त हो सकते हैं। बघवा मंदिर के पुजारी दीपक शर्मा ने कहा कि इस परियोजना से जुड़े लोगों को पुनर्वास की कोई स्पष्ट योजना नहीं बताई गई है, जिससे प्रभावित परिवारों के सामने भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। उन्होंने चिंता जताई कि यहां कई ऐसे परिवार हैं जिनके बच्चों की पढ़ाई चल रही है या जिनकी शादी की तैयारी है, ऐसे में अचानक घर टूटने की स्थिति में वे कहां जाएंगे, यह बड़ा सवाल है।
दूसरी ओर, दुर्गा मंदिर से जुड़ी पंडिताइन विधि शर्मा ने बताया कि सड़क निर्माण की जद में मंदिर भी आ रहा है, जिससे धार्मिक आस्था पर भी असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जिस नहर के ऊपर यह सड़क बनाई जा रही है, उसमें लंबे समय से पानी नहीं रहता, इसलिए इतनी चौड़ी सड़क बनाने का औचित्य भी समझ से परे है। उन्होंने यह भी बताया कि पहले वर्षों से 15 फीट चौड़ी सड़क बनाने की बात कही जा रही थी, लेकिन अब अचानक इसे 30 फीट तक बढ़ा दिया गया है, जिससे लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों ने साफ तौर पर कहा है कि वे विकास के खिलाफ नहीं हैं और 15 फीट चौड़ी सड़क के निर्माण के लिए तैयार हैं, लेकिन 30 फीट चौड़ी सड़क बनने से उनके घरों और धार्मिक स्थलों पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जमीनी हकीकत को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाए, ताकि विकास कार्य भी हो सके और किसी को बेघर होने की नौबत भी न आए।
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