छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का विधानसभा घेराव, महंगाई और बेरोजगारी को लेकर किया विरोध, भूपेश बोले- राज्य में 2028 में कांग्रेस की सरकार बनेगी

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का विधानसभा घेराव, महंगाई और बेरोजगारी को लेकर किया विरोध, भूपेश बोले- राज्य में 2028 में कांग्रेस की सरकार बनेगी

Chhattisgarh Congress Protest छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कांग्रेस ने मनरेगा का नाम बदलने और गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों के विरोध में विधानसभा का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और राज्य व केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान माहौल काफी गरम रहा और कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स तोड़कर विधानसभा की ओर बढ़ने की कोशिश की, हालांकि पुलिस ने पहले से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर रखे थे और टीन शेड व बैरिकेड्स लगाकर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।

इस विरोध प्रदर्शन की सबसे खास बात तब देखने को मिली जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज करते हुए नाली से गैस चूल्हा जोड़कर चाय बनाई। कार्यकर्ताओं का कहना था कि गैस सिलेंडर की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे आम आदमी के लिए रसोई चलाना मुश्किल होता जा रहा है और इसी मुद्दे को प्रतीकात्मक रूप से दिखाने के लिए यह प्रदर्शन किया गया।

प्रदर्शन में कांग्रेस के कई बड़े नेता मौजूद रहे, जिनमें सचिन पायलट, भूपेश बघेल और चरणदास महंत प्रमुख रूप से शामिल हुए। नेताओं ने मंच से सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए महंगाई, बेरोजगारी और योजनाओं में बदलाव जैसे मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने संबोधन में केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मनरेगा गरीबों को रोजगार देने का एक महत्वपूर्ण माध्यम रहा है, लेकिन इसे कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में राजनीतिक बदलाव होगा और 2028 में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनेगी, जबकि 2029 में राहुल गांधी देश के प्रधानमंत्री बनेंगे। बघेल ने यह भी कहा कि उस समय मनरेगा की राशि को डेढ़ गुना तक बढ़ाया जाएगा।

वहीं नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने भी केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा गरीबों, किसानों और मजदूरों के हित में काम करती आई है और आगे भी करती रहेगी। महंत ने यह भी कहा कि मनरेगा कानून को फिर से मजबूत किया जाएगा।

इस प्रदर्शन के बाद प्रदेश का राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया है। कांग्रेस ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि आगामी चुनावों में महंगाई, बेरोजगारी और जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा, जबकि प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए स्थिति को नियंत्रण में रखा और किसी भी बड़ी घटना को होने से रोक लिया।

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