छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में आज खनन, परिवहन और वन विभाग पर सवालों की बौछार; नेशनल हेराल्ड विज्ञापन और रायपुर स्मार्ट सिटी का मुद्दा भी गरमाएगा

छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में आज खनन, परिवहन और वन विभाग पर सवालों की बौछार; नेशनल हेराल्ड विज्ञापन और रायपुर स्मार्ट सिटी का मुद्दा भी गरमाएगा

Chhattisgarh Assembly Budget Session: रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में आज प्रश्नकाल के दौरान खनन, परिवहन, सहकारिता, राजस्व और वन विभाग से जुड़े कई अहम मुद्दे उठने की संभावना है। सदन में आयरन ओर के खनन और उसके परिवहन से लेकर वाहनों के फिटनेस परमिट, ओवरलोडिंग और बिगड़े वनों को सुधारने की योजनाओं पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा।

विधायकों की ओर से आयरन ओर के खनन और उसके परिवहन से जुड़े नियमों तथा निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल पूछे जाएंगे। इसके अलावा परिवहन विभाग से जुड़े फिटनेस परमिट और ओवरलोडिंग के मामलों पर भी सरकार से जानकारी मांगी जाएगी।

वन विभाग से जुड़े प्रश्नों में बिगड़े वनों को सुधारने की योजना और उससे संबंधित कार्ययोजनाओं पर चर्चा होने की संभावना है। वहीं राजस्व विभाग से जुड़े सवालों में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों का मुद्दा भी सदन में उठ सकता है। विधायक ऐसे मामलों में की गई कार्रवाई और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सरकार से जवाब मांगेंगे।

बीजेपी विधायक रेणुका सिंह सदन में नेशनल हेराल्ड को दिए गए विज्ञापनों का मुद्दा भी उठाएंगी। इस मामले में सरकार से यह जानकारी मांगी जाएगी कि किन परिस्थितियों में और किस प्रक्रिया के तहत ये विज्ञापन जारी किए गए।

ध्यानाकर्षण के दौरान रायपुर स्मार्ट सिटी में सौंदर्यीकरण के नाम पर अनियमितताओं का मामला भी उठेगा। बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर, धरमलाल कौशिक और धर्मजीत सिंह इस विषय पर नगरीय प्रशासन मंत्री का ध्यान आकर्षित करेंगे। विधायक योजना के तहत हुए कार्यों और खर्च को लेकर सवाल उठा सकते हैं।

इसी तरह विधायक द्वारकाधीश यादव ध्यानाकर्षण के माध्यम से सिरपुर महोत्सव के आयोजन से जुड़े आय-व्यय का मुद्दा सदन में उठाएंगे। आयोजन पर हुए खर्च और प्रशासनिक प्रबंधन को लेकर सरकार से जानकारी मांगी जा सकती है।

वहीं सदन में आज बजट की अनुदान मांगों पर भी चर्चा होगी। इस दौरान डिप्टी सीएम विजय शर्मा, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल और संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के विभागों से संबंधित अनुदान मांगों पर विचार किया जाएगा। इस दौरान विधायक इन विभागों के कामकाज और योजनाओं को लेकर सवाल उठा सकते हैं।


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